पटना : बिहार की सियासत में शब्दों की मर्यादा तार-तार होती दिख रही है। सदन से शुरू हुई ‘जुबानी जंग’ अब सोशल मीडिया पर ‘निजी हमले’ और बेहद तीखी बयानबाजी में बदल गई है। दरअसल, बिहार विस के भीतर सीएम नीतीश द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को ‘लड़की’ कहे जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक भीषण राजनीतिक संग्राम का रूप ले चुका है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर जेडीयू और आरजेडी के बीच जारी इस जंग में अब शब्दों की गरिमा की सीमाएं टूटती नजर आ रही हैं।
राबड़ी देवी पर की गई टिप्पणी से नाराज आरजेडी नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव और रोहिणी आचार्य के हमलों के बाद आरजेडी के आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट किया गया, जिसमें बिना नाम लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा गया। पोस्ट में लिखा गया है कि “जिंदा लाश कुछ समय और अगर गद्दी पर बैठा रहा तो बिहार जिंदा मुर्दा हो जाएगा। #बेशर्मCM
https://x.com/Jduonline/status/2021481780021428404?s=20
वहीँ, आरजेडी की इस टिप्पणी पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार करते हुए लिखा कि “खुद को गलाकर, बिहार में जान फूंक दिया… काश ऐसा ‘लाश’ तुम्हारा बाप भी होता, कम से कम बिहार अपना अस्तित्व तो न खोता। तुम्हारे मां-बाप तो जिंदा थे न? पर स्वार्थ की आग में उन्होंने बिहार जला दिया।” जेडीयू ने सीधे तौर पर लालू-राबड़ी शासनकाल को ‘नर्क’ बताते हुए उसे बिहार की बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया।
इस विवाद में बीजेपी भी पूरी मजबूती के साथ नीतीश कुमार के पक्ष में उतर आई है। बिहार बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरजेडी की भाषा पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि RJD के पास अब न तो कोई मुद्दा बचा है और न ही शालीन भाषा। वे बिहार की गरिमा खराब कर रहे हैं। BJP ने चुनौती दी कि अगर दम है तो सदन में तर्क के साथ बहस करें, सोशल मीडिया पर गाली-गलौज न करें। बेशर्म वे लोग हैं जिन्होंने 15 साल तक बिहार को लूटा और सत्ता से बाहर होते ही विकास को गाली दे रहे हैं।
यह पूरा बवाल सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राबड़ी देवी के प्रति इस्तेमाल किए गए संबोधन से शुरू हुआ। RJD ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए सीएम के इस्तीफे की मांग की है, जबकि सत्ता पक्ष इसे सामान्य संबोधन बताकर RJD के पुराने शासनकाल की याद दिला रहा है। इस तीखी बयानबाजी ने बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। क्या आप चाहेंगे कि मैं इस घटना पर आधारित राजनीतिक विश्लेषकों की संभावित प्रतिक्रिया या इसका आगामी चुनाव पर प्रभाव से जुड़ी जानकारी साझा करूँ?