पटना : बिहार की राजधानी पटना का सिविल कोर्ट परिसर बुधवार को एक बार फिर दहला देने वाली धमकी के बाद छावनी में तब्दील हो गया। अज्ञात उपद्रवियों द्वारा ईमेल के जरिए कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पिछले कुछ समय में यह छठी बार है जब अदालत को इस तरह निशाना बनाया गया है। धमकी मिलते ही प्रशासनिक तंत्र में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर सिविल कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, पूरे कोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा कर फिलहाल अदालती कार्यवाही पर रोक लगा दी गई। पीरबहोर थाने की पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रहे हैं। ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब आज पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की दो महत्वपूर्ण मामलों में पेशी और जमानत पर सुनवाई होनी है।
मालूम हो कि पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने धोखाधड़ी और मकान कब्जा करने के मामले में कल (मंगलवार) उन्हें जमानत मिल गई थी। लेकिन, पटना पुलिस ने दो अन्य पुराने मामलों में पप्पू यादव का ‘प्रोडक्शन वारंट’ मांगा था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। दोनों मामले में से एक बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज ‘सरकारी काम में बाधा’ डालने का है। और दूसरा कोतवाली थाने में साल 2017 का एक पुराना मामला दर्ज है। पप्पू यादव की ओर से इन दोनों ही मामलों में जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर आज फैसला आना है।
भले ही कल एक मामले में जमानत मिल गई हो, लेकिन जब तक बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली से जुड़े मामलों में राहत नहीं मिलती, पप्पू यादव को बेउर जेल में ही रहना होगा। आज कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है क्योंकि पेशी और बम की धमकी ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और तलाशी जारी है। सुरक्षा कारणों से आम लोगों और वकीलों के प्रवेश पर फिलहाल पाबंदी लगा दी गई है।