Patna : पटना में नीट (NEET) छात्रा की मौत के मामले ने अब एक तीखे राजनीतिक युद्ध का रूप ले लिया है। इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर जेडीयू ने अब तक का सबसे कड़ा हमला बोला है। बुधवार (04 फरवरी, 2026) को जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव की राजनीति और उनके तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए।
नीरज कुमार ने बेहद तल्ख लहजे में पप्पू यादव को ‘राजनीति का लंपट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बिहार का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोग सांसद बन जाते हैं जिन्हें कानून और मर्यादा का ज्ञान नहीं है। नीरज कुमार ने पप्पू यादव के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या उन्हें पता नहीं है कि पूर्णिया की बेटियां आज पढ़कर आईएएस बन रही हैं? वे बिहार की बेटियों के बारे में अनर्गल टिप्पणी करना बंद करें।”
जेडीयू प्रवक्ता ने जहानाबाद में हुए ‘न्याय मार्च’ का जिक्र करते हुए पप्पू यादव को कानूनी घेरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी पीड़िता या मृतका की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पप्पू यादव ने किस अधिकार से लड़की का नाम और पहचान उजागर होने दी? नीरज कुमार ने दावा किया कि जहानाबाद मार्च के दौरान सौंपे गए मांग पत्र (स्मारक पत्र) पर पप्पू यादव के हस्ताक्षर नहीं थे।
नीरज कुमार ने पप्पू यादव पर तंज करते हुए कहा कि उनको डर था कि कहीं कानूनी शिकंजे में न फंस जाएं। दूसरों को फंसाने और खुद सुरक्षित रहने की राजनीति अब नहीं चलेगी।” पप्पू यादव द्वारा सरकार का ‘काला चिट्ठा’ खोलने की धमकी पर नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि पप्पू यादव खुद मुकदमों के बोझ तले दबे हुए हैं। वे खुद को ‘ज्ञानी पुरुष’ समझ रहे हैं, लेकिन हकीकत में वे केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बेटियों की अस्मत और मौत पर राजनीति कर रहे हैं।
मालूम हो कि पटना में जान गंवाने वाली नीट छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नीतीश सरकार ने पहले ही सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी है। इसके बावजूद, विपक्षी नेताओं और विशेषकर पप्पू यादव के आक्रामक रुख ने इस मामले में सियासी पारा चढ़ा रखा है।