पटना : वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के अवसर पर महाराणा प्रताप मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत अथमलगोला प्रखंड के नीरपुर–रूपस गांव में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि पीएचडी मंत्री संजय सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में पीएचडी मंत्री संजय सिंह ने कहा कि वीर महाराणा प्रताप की शौर्य गाथाओं को मानस पटल पर लाने की आवश्यकता है और उनके आदर्शों पर चलकर ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान वीर योद्धा थे, जो हर वर्ग और हर समुदाय को साथ लेकर चलते थे तथा सदैव प्रजा की रक्षा के लिए तत्पर रहते थे। यही कारण है कि उनकी शौर्य गाथा आज भी इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। मंत्री श्री सिंह ने महाराणा प्रताप मेमोरियल ट्रस्ट को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
समारोह को बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, शिशु रोग विशेषज्ञ सह संघ कार्यवाह डॉ. अंजेश कुमार, जद(यू) के वरिष्ठ नेता प्रो. शंकर सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष संजय कुमार उर्फ गायमाता तथा पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजीब कुमार चुन्ना सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कहा कि परमवीर महाराणा प्रताप की जीवनी और उनके शौर्य से प्रेरणा लेकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण में आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार राजू ने किया। मौके पर धनंजय सिंह, शिवपूजन सिंह, मृगेंद्र सिंह मंटू, संजीव कुमार, बबलू सर, रवि सिंह चौहान, संजीत सिंह, अनिल सिंह, शंकर सिंह, कांग्रेस नेता विजय कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र प्रसाद, जद(यू) जिलाध्यक्ष अशोक चंद्रवंशी, बेलछी प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि ब्रजेश सिंह उर्फ ज्ञानीजी, युवा नेता रवि रंजन, अंजनी राज तथा क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष मनजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह से पूर्व मुख्य अतिथि पीएचडी मंत्री संजय सिंह, विधायक डॉ. सियाराम सिंह एवं विधायक अरुण कुमार साह सहित अन्य अतिथियों ने नीरपुर स्थित वीर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ. सियाराम सिंह एवं विधायक अरुण कुमार साह द्वारा खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दर्जनों पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों को अंगवस्त्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट