पटना : बिहार के पूर्व डीजीपी आलोक राज द्वारा ‘बिहार कर्मचारी चयन आयोग’ (BSSC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। महज पांच दिनों के भीतर पद छोड़ने के इस फैसले ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है। राजद (RJD) ने इसे लेकर नीतीश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने तंज भरे लहजे में कहा कि ज्वाइनिंग के बाद ऐसी क्या बात हो गई कि आलोक राज ने पांच दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया? कुछ गड़बड़ घोटाला तो नहीं ? इस्तीफा ही देना था तो ज्वाइन क्यों किया ?
दरअसल, बिहार के डीजीपी रह चुके आलोक राज को 31 दिसंबर (2025) को नीतीश सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BPSC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। लेकिन जॉइनिंग के बाद उन्होंने 06 जनवरी 2026 को निजी कारण को बजह बताते हुए इस्तीफा दे दिया? हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आलोक राज अगले पांच वर्षों तक यानी 65 वर्ष की उम्र पूरी होने तक BPSC के अध्यक्ष के पद पर बने रहना था। अब इस्तीफे के बाद सियासत शुरू हो गई है। राजद पार्टी की ओऱ से नीतीश सरकार को टारगेट किया जा रहा है।
आरजेडी नेता सह प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि अभी कई विभागों में बहाली की प्रक्रिया चल रही है ऐसे में आलोक राज का इस्तीफा बहुत बड़ा सवाल है। उन्होंने ने 1 जनवरी को पद संभाला और 06 जनवरी को निजी कारण से इस्तीफा दिया है तो वह ज्वाइन ही नहीं करते। प्रश्नपत्र लीक का मामला हो, सेंटर मैनेज करने का मामला हो, यह एनडीए के शासनकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि परीक्षा लेने वाली एजेंसियों के पास कई तरह के संसाधन नहीं हैं, इसलिए बिहार सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि आखिर आलोक राज ने क्यों इस्तीफा दिया है।