पटना के बहुचर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल नीट छात्रा कांड में अब बड़ा ट्विस्ट आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच में अब CBI की दिल्ली इकाई ने सीधा हस्तक्षेप करते हुए इसकी कमान अपने हाथ में ले ली है। जानकारी के अनुसार, सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) दिल्ली के एसपी स्तर के अधिकारी पटना में कैंप कर जांच की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पटना सिविल कोर्ट की पॉक्सो अदालत द्वरा जांच को लेकर की गई कड़ी टिप्पणी के बाद यह कदम उठाया गया है। मामले में POCSO Act से जुड़े पहलुओं को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी, क्योंकि शुरुआती जांच में इस कानून को शामिल नहीं किया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब पीड़िता नाबालिग है, तो इस एक्ट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
30 मार्च को मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट
पॉक्सो अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह 30 मार्च को अद्यतन जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे। इस रिपोर्ट में अब तक की जांच, जुटाए गए सबूत और आगे की कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल रहना चाहिए। कोर्ट की निगरानी में चल रही इस जांच से उम्मीद की जा रही है कि इस बहुचर्चित मामले के कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आएंगे। चूंकि अब जांच की निगरानी सीबीआई के दिल्ली यूनिट के अफसर कर रहे हैं, परंतु केस की मूल जांच टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, ऐसे में इससे क्या फर्क पड़ता है यह देखने वाली बात होगी। जांच अधिकारी के रूप में विभा कुमारी ही इस केस को अब भी देख रही हैं।
हत्या—यौन उत्पीड़न पर फोकस
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर जहानाबाद की रहने वाली छात्रा मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ पटना बल्कि पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी। शुरू मेंं पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस केस को सिर्फ सामान्य मौत मान रही थी, परंतु पोस्टमार्टम और अन्य रिपोर्ट के बाद मामला गंभीर हो गया। अब इस मामले में हत्या और यौन उत्पीड़न के एंगल को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पॉक्सो एक्ट को भी केस में शामिल किया गया, जिससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। शुरुआत में इस मामले की जांच बिहार पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई ने पहले एक अन्य अधिकारी को जांच सौंपी थी, लेकिन बाद में विभा कुमारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई। साफ संकेत मिल रहा है कि एजेंसी अब इस केस को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर एंगल से जांच करना चाहती है।