पटना : बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी बुधवार (25 मार्च, 2026) को एक अलग ही अंदाज में नजर आए। सफेद कुर्ते-पायजामे में जब वे राजधानी के प्रतिष्ठित एएन (AN) कॉलेज पहुंचे, तो वे एक नेता या मंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक ‘असिस्टेंट प्रोफेसर’ की भूमिका में थे। उन्होंने राजनीति विज्ञान की क्लास ली और छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने भावुक भरे लहजे में कहा कि इसी कॉलेज से डिग्री हासिल की थी। और करीब 35 साल बाद यहाँ छात्रों को पढ़ाने का मौका मिला ये सब ‘महादेव का आशीर्वाद’ बताया।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि सदन में जवाब देने और क्लास में छात्रों को जवाब देने में क्या अंतर है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि सदन में जवाब देने में अब हम परिपक्व हो चुके हैं, लेकिन बच्चों के सवालों का जवाब देना कहीं ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण है। छात्र हमेशा कुछ नया सिखाते हैं और हमारे भीतर की जिज्ञासा को जीवित रखते हैं। सक्रिय राजनीति में रहना और राजनीति शास्त्र पढ़ाना एक-दूसरे से अलग नहीं है। तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि वे रोज अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय राजनीति को करीब से देखते और समझते हैं, इसलिए विषय को समझाने में उन्हें अधिक परेशानी नहीं होगी।
आगे उन्होंने कहा कि मंत्री रहते हुए प्रोफेसर बनकर क्लास लेने का अनुभव बहुत कम लोगों को मिलता है। अशोक चौधरी ने उस बिल्डिंग का भी जिक्र किया जिसके निर्माण में उनका योगदान रहा और अब वहीं पढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह सब बाबा की कृपा है। 2015 में शिक्षा मंत्री के तौर पर यहाँ आना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ कार्यक्रम करना और आज शिक्षक की भूमिका में होना, एक सुखद संयोग है।