पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हैवानियत और उसकी हत्या मामले की गूंज अब दिल्ली स्थित संसद भवन तक जा पहुंची है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आज बुधवार को नयी दिल्ली में संसद भवन के बाहर पीड़ित छात्रा को न्याय के लिए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिहार पुलिस, राज्य सरकार और सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। पप्पू यादव ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक छात्रा की मौत का मामला नहीं है, बल्कि सत्ता-संरक्षित अपराध, पुलिसिया लापरवाही और एक संगठित साजिश का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि इसमें एक मंत्री पुत्र को बचाने के लिए डॉक्टर से लेकर पुलिस तक की मिलीभगत है।
सरकार और बिहार पुलिस पर पप्पू यादव का तीखा हमला
संसद परिसर के बाहर पप्पू यादव अपने शरीर पर बैनर लपेटे और हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठे थे। उनके पोस्टरों पर लिखे नारे सीधे तौर पर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर हमला कर रहे थे। पोस्टरों पर लिखा था—’NEET छात्रा का हत्यारा कौन? जांच के नाम पर खेल बंद करो, असली गुनहगारों को सामने लाओ, अपराधियों को बचाने के लिए परिवार को सताना बंद करो, CBI जांच करना होगा’। यही नहीं, पप्पू यादव ने अपने शरीर पर बैनर लपेट रखा था जिसपर लिखा था—’पटना के सेक्स रैकेट के गठबंधन से मुक्ति देना होगा सरकार, बेटियों का हत्यारा कौन? अपराधियों को संरक्षण देना बंद करो, न्याय का रास्ता साफ करो।’
संवैधानिक पद पर बैठै नेता और एक मंत्री के बेटे पर आरोप
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि इस मामले में एक संवैधानिक पद पर बैठे नेता और एक मंत्री के बेटे की संलिप्तता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वजह है कि बिहार पुलिस शुरू से ही मामले को दबाने में जुटी हुई है। पप्पू यादव ने कहा कि यह कैसी न्याय व्यवस्था है? यह अब दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बेहया व्यवस्था बन चुकी है। गणतंत्र दिवस पर संविधान की दुहाई दी जाती है, लेकिन बिहार में पुलिस और सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को बचाने का काम हो रहा है। पप्पू ने मामले की SIT की जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस असली आरोपियों तक पहुंचने के बजाय पीड़ित परिवार को ही निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर पीड़िता के मामा, रिश्तेदारों और परिवार के लोगों को बुलाकर टॉर्चर किया जा रहा है। DNA सैंपल के नाम पर रिश्तों को कलंकित किया जा रहा है। यह पुलिसिया गुंडागर्दी नहीं तो और क्या है? साथ ही उन्होंने पटना में कथित सेक्स रैकेट का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले के तार एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले की जांच CBI को नहीं सौंपी जाती, तब तक न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।