ईरान युद्ध से मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के बीच केंद्र और राज्य की सरकारें देशभर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार एक्शन ले रही हैं। कई जगह पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के बाद पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने और पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाह फैलाने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश जारी किये गए हैं। इसी सबके बीच सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अब से बोतल और गैलनों में तेल की बिक्री बंद कर दें। बिहार के गोपालगंज और अन्य जिलों में डीजल और पेट्रोल की कालाबाजारी और अवैध स्टॉक रोकने के लिए यह फैसला लिया गश्स है। इसके तहत अब केवल वाहनों ही में पेट्रोल-डीजल देने को पंप संचालकों से कहा गया है। गैलेन या बोतल में तेल देने पर सख्त मनाही है। लेकिन इस आदेश से बिहार के किसानों के लिए बड़ी मुसीबत पैदा हो गई है। अधिकतर किसान अपने संयंत्रों को चलाने के लिए बोतलों और गैलनों में ही तेल पंप से क्रय कर ले जाते हैं। इससे अब उनकी किसानी भी प्रभावित होने की आशंका है।
डिब्बे-गैलेन में तेल के लिए लेनी होगी अनुमति
दरअसल ईरान युद्ध के मद्देनजर पेट्रोल—डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसको देखते हुए सरकार ने पेट्रोल पंपों को वाहनों के अलावा किसी अन्य तरीके से तेल नहीं देने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह भी साफ किया गया है कि सरकारी काम और किसानों को डिब्बे या गैलेन में तेल लेने के लिए अब लिखित आवेदन देना होगा। नए नियम के तहत अब पेट्रोल पंप पर गाड़ियों में ही तेल मिलेगा। यदि किसी सरकारी कार्य या किसानों को कृषि कार्य के लिए गैलन में डीजल लेना है, तो इसके लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी व कृषि पदाधिकारी के यहां आवेदन देना होगा। अनुमति मिलने पर ही उन्हें डीजल-पेट्रोल गैलन में मिलेगा।
अफवाह व जमाखोरों पर कार्रवाई के निर्देश
सरकार की तरफ से बताया गया है कि किसानों के लिए भी यह नियम लागू किया गया है। कृषि कार्य के लिए डीजल या पेट्रोल लेने के लिए किसानों को कृषि पदाधिकारी के यहां आवेदन देना होगा और बताना होगा कि किस कार्य के लिए तेल खरीद रहे हैं। जमाखोरी किए जाने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। गोपालगंज में 31 मार्च को कुल 93 पेट्रोल पंपों के पास पांच लाख 93 हजार 410 लीटर डीजल जबकि सात लाख 91 हजार 600 लीटर पेट्रोल उपलब्ध था। इस बीच बिहार के बाकी जिलों में भी अभी पेट्रोल—डीजल का पर्याप्त स्टॉक होने की जानकारी दी गई है। इसी तरह राज्य के सभी जिलों में LPG सिलेंडर के कथित संकट से उबरने के लिए भी जिला मुख्यालयों और शहरी इलाके में घर-घर PNG की सप्लाई शुरू करने की तैयारी जोर—शोर से शुरू कर दी गई है।