बिहार में अब कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य स्तरीय BTET परीक्षा नहीं होगी। अब केवल CTET पास अभ्यर्थी ही बिहार में प्राथमिक और मिडिल स्कूल में शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने यह अहम फैसला लिया है। इस फैसले से अब आगामी TRE-4 की शिक्षक बहाली की प्रक्रिया इन वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह CTET के आधार पर की जाएगी। बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बहुत बड़ी खबर है। इसके अनुसार अब कक्षा 1 से 8 तक के लिए अलग से बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन नहीं किया जाएगा। अब प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए केवल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) पास करना अनिवार्य होगा।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से CTET परीक्षा हर साल नियमित रूप से कराई जाती है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पास होते हैं। विभाग का मानना है कि CTET पास अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त है जिससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। मालूम हो कि तीन वर्ष पूर्व 2023 में भी विभाग ने संकेत दिया था कि फिलहाल TET नहीं कराई जाएगी। लेकिन उस समय भविष्य में परीक्षा कराने की संभावना रखी गई थी। लेकिन अब यह एकदम साफ कर दिया गया है कि अलग से बिहार TET की जरूरत नहीं है और इसे अब राज्य में नहीं कराया जाएगा।
गौरतलब है कि बिहार में अब तक केवल दो बार ही BTET परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराई गई थी। पहली बार साल 2011 में और दूसरी बार साल 2017 में यह परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा में दो स्तर होते थे—कक्षा 1 से 5 के लिए प्राथमिक स्तर और कक्षा 6 से 8 के लिए उच्च प्राथमिक स्तर। इन दोनों स्तरों पर शिक्षकों की योग्यता जांची जाती थी। इस फैसले का सीधा असर उन उम्मीदवारों पर पड़ेगा, जो बिहार TET की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें अपनी तैयारी की दिशा बदलनी होगी और CTET परीक्षा पर ध्यान देना होगा। साफ है कि बिहार में आने वाली TRE-4 की शिक्षक बहाली में अब वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने CTET का पेपर-1 (कक्षा 1 से 5) या पेपर-2 (कक्षा 6 से 8) पास किया हो।