जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने आज मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके आवास पर राज्यसभा का निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपा। उन्होंने यह प्रमाण पत्र खुद अपने हाथों से मुख्यमंत्री के हाथों में दिया। इस मौके की तस्वीर भी संजय झा ने अपने X अकाउंट पर साझा की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने एक पोस्ट भी शेयर किया जिसमें संजय झा ने लिखा कि—’आज माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र सौंपने का अवसर मिला। इस दौरान पार्टी नेता श्री संजय कुमार सिंह ‘गांधी जी’ भी उपस्थित रहे’। अपने पोस्ट में संजय झा ने आगे लिखा कि नीतीश कुमार का सार्वजनिक जीवन नागरिकों की सेवा और बिहार के विकास को समर्पित रहा है। राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उनके विचार और काम में हमेशा एक नयापन देखने को मिला है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति से बिहार के विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही राज्य सरकार को भी वे अपना हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे।
नीतीश और नितिन नबीन को मिले कुल 44-44 वोट
मालूम हो कि कल 16 मार्च को ही बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के लिए निर्वाचन हुआ है। इसमें एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों को जीत मिली है। सीएम नीतीश कुमार जदयू कोटे से इस चुनाव में उम्मीदवार थे। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत थी। लेकिन नीतीश कुमार को कुल 44 मत प्राप्त हुए। बीते दिन मतदान समाप्ति के बाद शाम 5 बजे वोटों की गितनी की गई जिसमें जदयू के नीतीश कुमार के साथ रामनाथ ठाकुर को भी जीत मिली। जबकि एनडीए में ही बेजेपी से नीतीन नवीन और शिवेश कुमार राज्यसभा पहुंचे हैं। वहीं एनडीए के घटक दल रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा ने बाजी मारी है। जबकि महागठबंधन के एक मात्र प्रत्याशी एडी सिंह को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरजेडी से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन किया था।
कुशवाहा, ठाकुर को 42-42 व शिवेश राम को 40 वोट
नीतीश कुमार की ही तरह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भी इस चुनाव में जीत के लिए आवश्यक 41 मतों से कहीं अधिक कुल 44 वोट प्राप्त हुए और उन्होंने भी बंपर जीत हासिल की। नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। परंतु अब उनके राज्यसभा में निर्वाचित होने के बाद बांकीपुर की विधायक वाली सीट खाली हो गई है। इस चुनाव में जदयू के दूसरे कैंंडिडेट रामनाथ ठाकुर और रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा को 42—42 मत प्राप्त हुए और दोनों ने जीत दर्ज की। सबसे रोचक मुकाबला 5वीं सीट पर रहा जहां कांग्रेस और राजद के कुल 4 विधायकों के मतदान में भाग नहीं लेने से जीत का मानक घट गया और एनडीए के 5वें उम्मीदवार शिवेश राम ने 40 वोट लाकर 37 वोट पाने वाले राजद के एडी सिंह को परास्त कर दिया।