पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के 15 दिन बीत जाने के बाद भी कैबिनेट विस्तार को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म होता नजर आ रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। करीब 30 मिनट तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष का दावा है कि एनडीए गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और इसी खींचतान की वजह से विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। इस सियासी दबाव के बीच सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मंत्रियों के नामों और विभागों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जल्द ही मंत्रियों की संभावित सूची लेकर दिल्ली कूच कर सकते हैं। वहां बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श के बाद नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने भी दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।
वर्तमान में कैबिनेट का विस्तार न होने के कारण सभी विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और उनके दोनों उपमुख्यमंत्रियों के कंधों पर है। हालांकि, सरकार का कामकाज प्रभावित न हो इसके लिए दो कैबिनेट बैठकें भी की जा चुकी हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगले एक सप्ताह के भीतर बिहार को नया मंत्रिमंडल मिल जाएगा और नए मंत्री शपथ ले सकते हैं।