पटना: बिहार विधानसभा के मौनसून सत्र के चौथे दिन सदन में बहस के दौरान सता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों की राजनीति में वंशवाद का रंग चटख दिखा। विरोधी दल की ओर से बहस की शुरूआत करते हुए कुमार सर्वजीत अपने मुख्य विषय से भटक गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जगह सर्वजीत कुमार राजद की ओर से भाषण दे रहे थे। इसी बीच सतापक्ष के कुछ विधायक तेजस्वी यादव को लक्ष्य की चुटकी लेने लगे। थोड़ा उत्तेजित होते हुए उन्होंने कहाकि आपके नेता के पुत्र का हम पूरा सम्मान करते हैं। लेकिन, आप लोग हमारे नेता के पुत्र को हमेशा नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं। इसी सदन में एसी के कारण ठंडा से आपके नेता के पुत्र जब कांपने लगे थे, तब हमने विधानसभा के कर्मचारियों से कहकर एसी बंद करा दिया था। आपके नेता के पुत्र आज सदन में क्यों नहीं आए। इस पर सतापक्ष की ओर से कहा गया कि वे इस समय विधान परिषद में हैं।
कुमार सर्वजीत की बात पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा खड़े हो गए। उन्होंने कहाकि विधानसभा की कार्यवाही सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष के बिना पूरी नही होती। हमारे नेता प्रतिपक्ष सदन के इस सत्र में एक दिन भी नहीं दिखे जबकि कल इस सत्र की कार्यवाही का अंतिम दिन है। राजद के मुख्य सचेतक सदन को यह बताने की कृपा करें कि हमारे नेता प्रतिपक्ष कहां ओर किस स्थिति में हैं। सदन को यह जानने का अधिकार है कि हमारे नेता प्रतिपक्ष कहां हैं। कृषि मंत्री के इस वक्तव्य पर कुमार सर्वजीत ने कहाकि उनके पिता की तबीयत खराब है इसीलिए वे सदन की कार्यवाही से अनुपस्थित हैं। कुमार सर्वजीत के इस वक्तव्य पर टिप्पणी करते हुए विधायक शालिनी मिश्रा ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव नार्वे और दुबई में देखे गए हैं।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रतिपक्ष को लक्ष्य करते हुए कहा कि विधायक वंशवादी बंधुआ मजदूरी की मानसिकता से उबरें क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक ओर अशुभ भी है। उन्होंने कहा कि राजद के लोग तेजस्वी यादव को अपना नेता नहीं मानते बल्कि उन्हें अपना नेता का पुत्र मानते हैं। इससे लोकतंत्र और लोकतंत्र का यह मंदिर कलंकित होता है। विधायक शालिनी मिश्रा ने कहा कि कुमार सर्वजीत ने अपने भाषण में जानबूझ कर कुछ ऐसा कहा दिया जिससे नेता प्रतिपक्ष की सदन में अनुपस्थिति पर यह चर्चा हो गयी।