पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की बात सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इस हत्याकांड में पुलिस की भूमिका को लेकर आक्रोश को देखते हुए बिहार के डीजीपी ने मामले की जांच के लिए SIT गठित करने का आदेश दिया है। जांच के लिए गठित एसआईटी में चित्रगुप्त नगर के थाना प्रभारी को शामिल नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीट छात्रा के साथ यौन हिंसा की आशंका जताई गई है। NEET की तैयारी कर रही एक 18 वर्षीय छात्रा ने 11 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस द्वारा शुरुआती तौर पर मामले को संदिग्ध हालात में नींद की गोलियां खाने से जोड़कर देखा गया। लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट दिया।
SIT की जांच और रोजाना निगरानी
SIT की अध्यक्षता पटना के सिटी एसपी करेंगे। इसमें महिला डीएसपी और एक पुलिस निरीक्षक भी शामिल होंगे। पटना सेंट्रल रेंज के IG को एसआईटी जांच की रोजाना निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आईजी दैनिक जांच की निगरानी करेंगे और एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतका की पहले की मेडिकल रिपोर्टों में कुछ विरोधाभास पाए गए हैं। सभी दस्तावेज विशेषज्ञ राय के लिए पटना एम्स भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच नवीनतम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है और जल्द ही मामले से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
जानें क्यों पिटी पटना पुलिस की भद्द?
NEET की तैयारी कर रही छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी और पटना में कोचिंग के लिए गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी। 6 जनवरी को वह अपने कमरे में बेहोश मिली थी, जिसके बाद इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज से जोड़ा था और आत्महत्या कहा था। लेकिन परिजनों ने दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई। छात्रा कई दिनों तक कोमा में रही और 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुलिस की सुसाइड वाली थ्योरी को नकारते हुए साफ कहा गया कि सेक्सुअल असॉल्ट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर कई जगह चोट के निशान, खरोंच और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटों का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार ये निशान संघर्ष के दौरान बने प्रतीत होते हैं। छात्रा पीरियड में थी, जिससे कुछ जांच प्रभावित हो सकती है, लेकिन रिपोर्ट ने दुष्कर्म के एंगल को मजबूत कर दिया है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है।