पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई NEET छात्रा की मौत के बाद बिहार में हंगामा मचा हुआ है। जहानाबाद से RJD सांसद सुरेंद्र यादव ने इस मामले को संभालने के तरीके को लेकर बिहार सरकार की कड़ी आलोचना की। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सुरेंद्र यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर नीतीश सरकार के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य NDA नेता अक्सर कहते हैं कि 2005 से पहले बिहार में लोग सूरज डूबने के बाद अपने घरों से बाहर निकलने से डरते थे। आज, मैं उनसे पूछना चाहता हूं-क्या अब बिहार में हमारी माताएं और बहनें सुरक्षित हैं? वह जंगलराज था तो आज का नीतीश राज क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और सरकार ने दोषियों को बचाने की कोशिश में जांच में गड़बड़ी की। मैं लड़की को न्याय दिलाने के लिए इस मुद्दे को सड़कों से लेकर संसद तक उठाऊंगा।
सुरेंद्र यादव ने आगे कहा कि नीतीश कुमार हमारे अभिभावक हैं। पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाना चाहिए और आरोपियों को स्पीडी ट्रायल चलवाकर सजा दिलाई जानी चाहिए। सांसद सुरेंद्र यादव ने मीडिया से बात करते हुए नीट छात्रा कर कहा कि अपने क्षेत्र की बेटी को न्याय दिलाने के लिए मैं और मेरी पार्टी सबकुछ करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ नहीं करने अच्छा होगा कि मैं नेतागीरी छोड़कर खेती करने लगूं। अगर जहानाबाद की बेटी को इंसाफ नहीं दिला पाया तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार और अन्य NDA नेता अक्सर कहते हैं कि 2005 से पहले बिहार में जंगलराज था। आज मैं उनसे पूछता हूं कि क्या अब बिहार में हमारी माताएं और बहनें सुरक्षित हैं और आज बिहार में कौन सा राज है?
नीट छाात्रा की मौत का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि पटना के एक हॉस्टल में जहानाबाद की एक बेटी के साथ एक सनसनीखेज मामला हुआ है। क्या मुख्यमंत्री अभी भी दावा कर सकते हैं कि बिहार में लोग सुरक्षित हैं? विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय, नीतीश कुमार और NDA नेतृत्व को दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। सुरेंद्र यादव ने आगे कहा कि सीएम नीतीश दावा करते हैं कि वह न तो किसी को फंसाते हैं और न ही किसी को बचाते हैं। तो फिर उनकी सरकार ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? जांच एजेंसियों ने शुरू में जांच में हेरफेर करने की कोशिश की। वे किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले पटना SSP ने गुमराह करने वाले बयान क्यों दिए? सांसद ने कहा कि वह पीड़िता के गांव गए थे और वहां का माहौल बहुत गमगीन था। लड़की के परिवार से मिलकर मैं भावुक हो गया। वह एक होनहार छात्रा थी जो डॉक्टर बनना चाहती थी। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की राजधानी में ऐसी भयानक घटना हुई।