नवादा : भूमि विवाद को कम करने के मामले में सरकार, सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय लाख आदेश पारित कर दे लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की सामने इसकी कोई अहमियत नहीं रह जाती है। आज भी स्थिति वहीं है “खाता न बही, अधिकारी जो कहे, वही सही”। तभी तो गोविंदपुर प्रखंड में आज भी “जिसकी लाठी, उसकी भैंस” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
ताजा मामला गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के बाराटांड़ गांव की है। बालेश्वर यादव की रैयती भूमि खाता नम्बर 17 प्लौट नम्बर 787 रकबा 08 डिसमिल भूमि पर विकास कुमार ने जबरन कब्जा कर रखा था। मामला बीएनएस की धारा 163 के तहत रजौली अनुमंडल दंडाधिकारी के यहां शादी संख्या 102/26 के तहत दायर किया गया। वाद की सुनवाई के वाद 11/08/26 को पारित आदेश में निर्णय वालेश्वर यादव के पक्ष में दिया गया। निर्णय की प्रति एसडीएम ने अंचल अधिकारी व थानाध्यक्ष को उपलब्ध कराते हुए अधिकारी द्वय को वालेश्वर यादव को कब्जा दिलाने का आदेश दिया।
वर्तमान हालत यह है कि वालेश्वर यादव को कब्जा दिलाना तो दूर सरकार, सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के साथ रजौली एसडीओ द्वारा पारित आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए विकास कुमार द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से जबरन मकान का निर्माण आरंभ कर दिया गया है। शांतिपूर्ण कब्जा के लिए वालेश्वर यादव अंचल व थाना का चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी फरियाद सुनने को कोई तैयार नहीं है। तभी तो कहा जा रहा है “गोविंदपुर में अधिकारियों की खिदमत करो, जमीन पर जबरन कब्जा कर लो।”
भईया जी की रिपोर्ट
