नवादा : जिले के मेसकौर प्रखंड बीडीओ व पूर्व प्रमुख की मुश्किलें बढ़ने वाली है। ऐसा जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल के उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने से हो सकेगा। पटना उच्च न्यायालय ने न केवल याचिका स्वीकार कर ली है बल्कि जिला पंचायत पदाधिकारी के माध्यम से बीडीओ से जबाव दाखिल करने का आदेश निर्गत किया है।
मामला वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। आरटीआई कार्यकर्ता ने इससे संबंधित सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज की मांग की थी। उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों से करोड़ों रुपए का फर्जी भुगतान का मामला सामने आया था। इससे संबंधित कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर हो पाती बीडीओ व प्रमुख ने एक साज़िश के तहत अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से अपने आपको पद से अपदस्थ कर लिया। दोनों की सोच थी कि ऐसा करने से राशि गवन मामले का पटाक्षेप हो जायेगा।
लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। भला आरटीआई कार्यकर्ता चुप बैठने वाले कहां थे सो उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर सरकारी राशि गवन के जिम्मेदार बीडीओ व प्रमुख से राशि वसूली की मांग कर दी। अब न्यायालय के अगले आदेश का इंतजार हर किसी को रहेगा।
भईया जी की रिपोर्ट