-एक दूसरे पर जवाबदेही फेंक झाड़ रहे अपना पल्ला
नवादा : जिले में कर्मचारियों का ऐसा काकस है जिसके आगे डीएम तो डीएम मुख्य सचिव तक की नहीं चलती। जी हां! ऐसा मैं नहीं उपलब्ध साक्ष्य कह रहा है। मामला पद-स्थापना से जुड़ा है। नियमत: कोई अधिकारी या कर्मचारी एक ही स्थान पर तीन वर्षों से अधिक नहीं रह सकता। लेकिन जिले में कई ऐसे कर्मचारी हैं जो तीन नहीं बल्कि 10 से लेकर 16 वर्षों तक एक ही स्थान पर डटे हैं। अगर स्थानांतरण हुआ भी तो प्रतिनियुक्ति करा गणेश परिक्रमा कर फिर उसी स्थान पर पहुंच जाते हैं।
अभी फिलहाल कैविनट की बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा व उप मुख्यमंत्री विजेन्द्र यादव के बीच कुछ इसी प्रकार के मामले में तू तू मैं मैं की खबरें अखबारों से लेकर सोशल मीडिया की सुर्खियों में रही। मामला वहीं था जब अवकाश ग्रहण कर लिया तब फिर सेवा विस्तार क्यों? तो चलिए अब मैं आता हूं मूल बात पर। जिले में कई ऐसे कर्मचारी हैं जो पिछले कई सालों से एक ही कार्यालय में जमे हैं। इनमें से तीन का मामला तो जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने मुख्य सचिव तक पहुंचाया लेकिन हुआ क्या? वहीं ढाक का तीन पात।
इनमें अजय शंकर प्रसाद फिलहाल गोपनीय व लेखा शाखा में हैं जबकि अरविंद कुमार विधि शाखा व मृणाल कुमार भू-अर्जन शाखा में पिछले कई वर्षों से जमे हुए हैं। तीनों विभाग ने केवल अति महत्वपूर्ण विभाग है बल्कि, काफी मालदार भी माना जाता है। कितने डीएम आये गये लेकिन इन तीनों के सेहत कोई फर्क नहीं।
आश्चर्य यह कि जब इसकी शिकायत मुख्य सचिव तक पहुंची तो उन्होंने भी अपने स्तर से कार्रवाई के बजाय उन्होंने डीएम के पास वापस कर दिया। यहां तक कि सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायत को भी डीएम के कंधे पर डाल अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। तो चलिए आप भी देख लीजिए क्या हुआ, क्योंकि मैं हमेशा से कहता आ रहा हूं बगैर प्रमाण मैं कुछ नहीं लिखता। सो निर्णय आपके अदालत में है। आप भी इन तीनों से सतर्क व सुरक्षित रहें। ऐसा इसलिए कि इन तीनों के विरुद्ध कोई सुनने को तैयार नहीं। इसी को कहते हैं भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस।
भईया जी की रिपोर्ट