नवादा : पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने और इसके बाद पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुई विवाहिता को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका और करीब 15 से 20 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मौत हो गयी। मामले में करीब पांच वर्ष बाद अदालत ने आरोपी पति को हत्या समेत तीन धाराओं में दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी।
एडीजे-III, सदर कोर्ट ने अकबरपुर थाना कांड संख्या 630/21, दिनांक 07 अक्टूबर 2021 में फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी धीरेन्द्र कुमार, पिता रामाधीन सिंह, निवासी दिरी, थाना अकबरपुर, जिला नवादा को भारतीय दंड विधान की धारा 302, 494 और 498 ए के तहत दोषी करार दिया। धारा 302 के तहत आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी जबकि धारा 494 के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 498 ए के तहत दो वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मामला अकबरपुर थाना क्षेत्र के दिरी गांव से जुड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धीरेन्द्र कुमार ने अपनी पहली पत्नी रूबी देवी के रहते दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद रूबी देवी को कथित रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी क्रम में उसके साथ मारपीट की गयी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। परिजनों के अनुसार गंभीर चोट लगने के बावजूद रूबी देवी को समय पर समुचित इलाज नहीं कराया गया। उसकी हालत लगातार बिगड़ती गयी और वह करीब 15 से 20 दिनों तक असहनीय पीड़ा से जूझती रही। अंततः उसकी मौत हो गयी।
रूबी देवी की मौत के बाद उसके पिता अयोध्या सिंह की शिकायत पर अकबरपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अनुसंधान किया। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। मामला विवाहिता की प्रताड़ना, पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी और इसके बाद उसकी मौत से जुड़ा होने के कारण गंभीर माना गया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
मामले में पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहम्मद मिस्बाह ने पैरवी की। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों की गवाही और समर्पित चार्जशीट के आधार पर अदालत ने आरोपी धीरेन्द्र कुमार को दोषी मानते हुए सजा सुनायी।
रूबी देवी की मौत के करीब पांच वर्ष बाद अदालत के फैसले से मामले में न्यायिक प्रक्रिया को निर्णायक मुकाम मिला है। दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी के साथ कथित प्रताड़ना, मारपीट और इलाज के अभाव में उसकी मौत से जुड़ा यह मामला लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पति को हत्या समेत तीन धाराओं में दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनायी।
भईया जी की रिपोर्ट