नवादा : जिले में शिक्षा विभाग का हाल बेहाल है। ऐसे ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है जिन्हें देखकर रोना आता है रे भाय! फिर शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता कहेगा कैसे? जिनका उद्देश्य शिक्षा देना नहीं बल्कि सिर्फ पैसा कमाना हो वैसे लोगों को आखिर नियुक्ति ही क्यों? सवाल पूछा जाना स्वाभाविक है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल जबाव देना कौन?
मैं बार बार कहता आ रहा हूं बगैर प्रमाण मैं कुछ नहीं लिखता। सो एक वीडियो मेरे हाथ फिर लगा है। वीडियो जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के मुरहेना उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है जहां की शिक्षिकाओं को स्वतंत्रता दिवस किसे कहते हैं इसकी जानकारी तक नहीं है। वैसी शिक्षिकाओं को नौकरी करने का अधिकार है क्या? सवाल पूछा जाने लगा है।
यह लड़का उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरहेना हिंदी में पढ़ता है। 15 अगस्त को झंडोतोलन के समय अपने ही विद्यालय की शिक्षिका से 15 अगस्त के बारे पूछता है तो सही जवाब नहीं दे पाती है एवं इंडिपेंडेंस डे का स्पेलिंग पूछने पर कोई भी शिक्षिका नहीं बता पाई। चल रही वीडियो देखने से साफ हो जाता है। अब निर्णय आपको करना है। क्या सही, क्या ग़लत है।
भईया जी की रिपोर्ट