Patna : बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार (9 अगस्त 2026) को चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार द्वारा किए गए 4 प्रमुख ऐलान :
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विशेष समिति : हर विद्यालय में पढ़ाई के स्तर में सुधार लाने और उन्हें उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य स्तरीय समिति बनाई गई है।
परीक्षा सुधार और AI का उपयोग : बोर्ड, प्रतियोगी और कक्षा परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति परीक्षाओं में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर सुझाव देगी।
विशेष सहयोग शिविर : शिक्षा में सुधार के लिए संवाद शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक सीधे छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनेंगे।
छात्र कल्याण निदेशालय : विद्यार्थियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के सुचारु संचालन और बेहतर तालमेल के लिए संबंधित विभागों में अलग से निदेशालय का गठन किया जाएगा।
देशभर में पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बीच बिहार सरकार का यह कदम राज्य की शिक्षा प्रणाली को व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।