नवादा : खाड़ी युद्ध से उत्पन्न पेट्रोलियम खासकर रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार ने पीडीएस व हाकर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए किरासन तेल उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके लिए बजाप्ता वर्षों बाद आवंटन उपलब्ध कराये जाने की बातें बताई गई थी। लेकिन, किरासन तेल किसे मिला? ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जैसे तैसे गरीबों को चूल्हे जलाकर भोजन बनाने की मजबूरी आज भी बरकरार है।
जिला प्रशासन रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता व होम डिलीवरी का दावा करते नहीं अघाती। लेकिन सच्चाई यह है कि नगर व अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र को अपवाद माना जाय तो शेष प्रखंडों में होम डिलीवरी तो दूर एजेंसी गोदाम के पास लम्बी लम्बी लाइनें लगाने के बावजूद कई कई दिनों तक बगैर गैस सिलेंडर वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अब सरकार ने एक नया फरमान जारी किया है। वैसे लोगों को जिन्हें गैस सिलेंडर या किरासन तेल उपलब्ध नहीं हो रहा है उन्हें खाना बनाने के लिए कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। इससे संबंधित पत्र उपलब्ध कराये गये हैं। लेकिन यह भी कबतक मिलेगा? स्पष्ट नहीं है।
भईया जी की रिपोर्ट