नवादा : नवादा जिले के सिरदला प्रखंड में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिरदला ग्राम पंचायत की मुखिया मुनमुन देवी द्वारा पंचायत की सरकारी सामग्रियों को अपने निजी आवास में रखने और आरटीपीएस कार्यालय को बाधित करने के आरोप में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) दीपेश कुमार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पंचायत सचिव दिनेश कुमार द्वारा प्रखंड कार्यालय को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत स्तरीय आरटीपीएस कार्यालय के संचालन के लिए वेंडर के माध्यम से लाखों रुपये मूल्य की विभिन्न आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी की गई थी।
नियमतः इन सामग्रियों को पंचायत भवन में स्थापित किया जाना था, लेकिन मुखिया मुनमुन देवी ने इन सामग्रियों को सरकारी कार्यालय के बजाय अपने तीन मंजिला निजी मकान में रखवा दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मुखिया प्रतिनिधि कैलाश स्वर्णकार ने पंचायत कार्यालय भवन में अपना ताला लगा दिया है और चाबी अपने पास रख ली है। इसके कारण पिछले कई दिनों से आरटीपीएस कार्यालय बंद पड़ा है और आम जनता को जाति, आय, और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बीडीओ दीपेश कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुखिया को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुखिया को एक सप्ताह के भीतर सभी सरकारी सामग्रियां पंचायत भवन में वापस लौटानी होंगी। यदि तय समय सीमा में सामान वापस नहीं मिलता है, तो इसे सरकारी सामग्री का गबन मानते हुए मुखिया के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी। मामले की पूरी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी (DM), उप विकास आयुक्त (DDC) और जिला पंचायत राज पदाधिकारी को भेजी जा रही है ताकि अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।