नवादा : जिले के सरकारी स्कूलों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। स्थापना डीपीओ शिव कुमार वर्मा ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 386 शिक्षक-शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर ‘नो वर्क, नो पे’ के आधार पर वेतन कटौती की जाएगी।
जांच में पाया गया कि बीती 30 मार्च को बड़ी संख्या में शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज करते समय खेल किया। शिक्षकों ने पोर्टल पर ‘प्रेजेंट’ तो दिखाया, लेकिन अटेंडेंस टाइप’ में ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ का विकल्प चुना। नियमों के अनुसार इसके लिए ठोस कारण देना अनिवार्य है, परंतु शिक्षकों ने या तो ‘रीजन कॉलम’ को खाली छोड़ दिया या फिर बिना किसी आधिकारिक आदेश के ‘डेप्युटेशन’ व ‘ऑफिस वर्क’ लिख दिया। गुरुवार को जारी आधिकारिक पत्र में DPO शिव कुमार वर्मा ने इस कृत्य को स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता माना है।
उन्होंने कहा कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पारदर्शिता के लिए लागू किया गया है। विभागीय निर्देशों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा। यदि तीन दिनों के भीतर शिक्षकों ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो संबंधित तिथि का वेतन रोक दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। डीपीओ ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी पोर्टल पर गलत एंट्री पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को शत-प्रतिशत पारदर्शी और अनुशासित बनाना है।