नवादा : जिले के नगर थाना क्षेत्र में पुलिस और कोलकाता से आई विशेष टीम ने संयुक्त छापेमारी कर नकली मोबिल ऑयल बनाने के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया। भारी मात्रा में डुप्लीकेट माल और पैकिंग सामान जब्त किया गया। गोरखधंधा ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर इंजन को नुकसान पहुंचाने वाला तेल बेचकर चलाया जा रहा था। दुबई वाले ‘माल’ की ताबड़तोड़ पैकिंग नगर में चल रही थी। पेट्रोलियम क्राइसिस के नाम पर लोग आनन-फानन में डीजल-पेट्रोल-मोबिल की खरीदारी कर रहे हैं।
इसी आपाधापी का फायदा उठाने में दिन-रात मोहम्मद नियाज जुटा था। मगर, इसकी कारस्तानी कोलकाता तक पहुंच गई। नगर के हड्डी गोदाम मोहल्ले में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। कोलकाता से आई चार सदस्यीय एक्सपर्ट टीम और स्थानीय पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये का नकली मोबिल ऑयल (लुब्रिकेंट्स) जब्त किया। यहां ‘गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया लिमिटेड’ जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम पर डुप्लीकेट तेल की पैकिंग और सप्लाई बड़े पैमाने पर की जा रही थी।
नकली मोबिल ऑयल पैकिंग का भंडाफोड़
दरअसल नवादा में नकली मोबिल ऑयल की पैकिंग और आपूर्ति का एक बड़ा गिरोह पकड़ा गया। कोलकाता से आई चार सदस्यीय टीम ने नगर थाना के सहयोग से हड्डी गोदाम मोहल्ले में छापेमारी कर लाखों रुपए का डुप्लीकेट माल जब्त किया। छापेमारी के दौरान गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया लिमिटेड कंपनी के नाम पर बड़े पैमाने पर नकली मोबिल ऑयल की पैकिंग की जा रही थी। टीम ने गल्फ कंपनी के कई डुप्लीकेट रैपर, नकली मोबिल ऑयल, अलग-अलग कंपनियों के डुप्लीकेट रैपर, स्कैनर और पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कई डिब्बे बरामद किए।
कंपनी के सदस्यों ने बताया कि ये नकली मोबिल ऑयल अगर किसी वाहन में डाला जाता है, तो इससे इंजन खराब हो सकता है। नवादा में डुप्लीकेट गल्फ कंपनी के नाम पर बड़े पैमाने पर इसकी आपूर्ति की जा रही थी और कई इलाकों में डुप्लीकेट स्टिकर और रैपर लगाकर इसे बेचा जा रहा था। इस संबंध में नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि मोहम्मद नियाज के खिलाफ आवेदन दिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है। कंपनी के सदस्यों ने जानकारी दी है कि मोहम्मद नियाज हड्डी गोदाम स्थित अपने ठिकाने से गल्फ नामक कंपनी के नाम पर डुप्लीकेट मोबिल ऑयल की बड़े पैमाने पर आपूर्ति कर रहा था।
ब्रांडेड कंपनी के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा
छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि गल्फ कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर नकली मोबिल ऑयल की आपूर्ति की जा रही थी। मौके से भारी मात्रा में डुप्लीकेट रैपर, जाली स्कैनर और पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले सैकड़ों खाली डिब्बे बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, जब्त किए गए माल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपए बताई जा रही है। ये नेटवर्क नवादा के साथ-साथ आसपास के कई इलाकों में फैला हुआ था।
जांच टीम में शामिल कंपनी के सदस्यों ने वाहन मालिकों को सचेत करते हुए बताया कि ये नकली मोबिल ऑयल वाहनों के इंजन के लिए बेहद घातक है। इसके इस्तेमाल से न केवल इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, बल्कि वह पूरी तरह खराब भी हो सकता है। आरोपी पुराने या घटिया दर्जे के तेल पर ब्रांडेड कंपनियों के स्टिकर और रैपर लगाकर उसे असली बताकर ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
पुलिस के अनुसार, अवैध धंधा मोहम्मद नियाज नाम का शख्स चला रहा था। हड्डी गोदाम (जगह का नाम) स्थित अपने गुप्त ठिकाने से नकली तेल की रिपैकेजिंग और सप्लाई नेटवर्क को कंट्रोल करता था। कोलकाता की टीम ने काफी समय तक इस गिरोह की रेकी की थी, जिसके बाद नगर पुलिस के सहयोग से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। छापेमारी के वक्त वहां पैकिंग के अत्याधुनिक उपकरण भी मिले हैं। नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने मोहम्मद नियाज के खिलाफ आवेदन दिया है।
भईया जी की रिपोर्ट