नवादा : जिला अधिवक्ता संघ तदर्थ कमिटी द्वारा बार बार चुनाव टाले जाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। ऐसा किये जाने से अधिवक्ताओं में आक्रोश पनपने लगा है। शिकायत राज्य अधिवक्ता संघ से की है। ज़िला अधिवक्ता संघ ने समय से पूर्व चुनाव की तैयारियां आरंभ कर दी थी। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य आरंभ कर दिया गया था लेकिन एक साज़िश के तहत राज्य अधिवक्ता संघ ने पूर्व की कमिटी को भंग कर तदर्थ कमीटी का गठन कर तीन माह के अंदर चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
भस्मासुर साबित हुआ तदर्थ कमिटी
राज्य अधिवक्ता संघ को तब मालूम नहीं था कि जिस तदर्थ कमिटी का गठन किया जा रहा है वह राज्य कमिटी के लिए भस्मासुर बन जायेगा। चुनाव कराने के बार बार आदेश निर्गत किए जाने के बावजूद शेष कई जिलों में चुनाव संपन्न हो गया लेकिन नवादा ने हर आदेश को मानने से इंकार कर दिया। इस बीच तदर्थ कमिटी ने 19 मार्च को एक नोटिस जारी कर 30 मार्च को एक बजकर तीस मिनट पर बैठक आहूत करने की सूचना अधिवक्ताओं को दी।
पुनः 30 मार्च को समय में संशोधन कर बैठक का समय परिवर्तन कर संध्या साढ़े चार बजे कर दिया। जाहिर है मंशा चुनाव कराने का नहीं बल्कि चुनाव टालने का है। जाहिर है संध्या चार बजे के पूर्व अधिकांश अधिवक्ता न्यायालय से घर के लिए प्रस्थान कर जाते हैं। ऐसे में तदर्थ कमिटी की मंशा को समझा जा सकता है। इस बावत अधिवक्ता अवलोक ने राज्य अधिवक्ता संघ को पत्र लिखकर तदर्थ कमिटी को भंग कर राज्य अधिवक्ता संघ के देखरेख में चुनाव कराने का अनुरोध किया है।
भईया जी की रिपोर्ट