नवादा : जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर नवादा पहुंचे। दरअसल, वे बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे हर जिले में जाकर संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में वे नवादा पहुंचे, जहां उन्होंने जवाहर नगर स्थित ‘द बुद्धा रीजेंसी’ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद जन सुराज के नेताओं ने पश्चिम चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का उपवास रखा था। उस समय जन सुराज की ओर से यह घोषणा की गई थी कि बिहार में जो नई सरकार बनी है, उसे अपने वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार नवनिर्माण अभियान को अगले पांच वर्षों तक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए वे हर जिले में जाकर संगठन को पुनर्गठित करने का काम कर रहे हैं। वहीं, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले समय में पहली बार बिहार को गुजरात से चलाया जाएगा। गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर बिहार को संचालित किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिहार में फैक्ट्रियां न लगें, ताकि बिहार से करोड़ों युवा 10-15 हजार रुपये के लिए सस्ते मजदूर बनकर पूरे देश की फैक्ट्रियों में काम कर सकें। अगर बिहार में फैक्ट्रियां लग जाएंगी तो सूरत, जामनगर, तमिलनाडु और पंजाब में 15 हजार रुपये में काम करने वाले मजदूर नहीं मिलेंगे।
इसके साथ ही निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरी तरफ से उन्हें शुभकामनाएं हैं। लेकिन जब मुख्यमंत्री का बेटा राजनीति में आ रहा है, तो बिहार की जनता को यह सोचना चाहिए कि जो बात जन सुराज कहता रहा है नेता का बेटा नेता बनेगा और सामान्य परिवार के पढ़े-लिखे बच्चे या तो मजदूरी करेंगे या बेरोजगार रहेंगे। उन्होंने कहा कि नेता चाहे समाजवादी हो, भाजपाई हो, कांग्रेसी हो या राजद का, बूढ़ा हो या युवा, अगड़ा हो या पिछड़ा, सभी नेता अपने बच्चों के लिए राजसिंहासन की तैयारी कर रहे हैं। आप अपने बच्चों की चिंता कीजिए, नहीं तो आपके बच्चे पढ़-लिखकर भी मजदूर ही बनेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जन सुराज पिछले तीन वर्षों से यही बात कह रहा है कि नेताओं का चेहरा देखकर वोट मत दीजिए। नेता और उनका बेटा कभी बेरोजगार नहीं होगा, न ही मजदूरी करने जाएगा, लेकिन आपके बच्चों को मजबूरी में मजदूरी करनी पड़ेगी। नीतीश कुमार जीवनभर यह दावा करते रहे कि उन्होंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन अब उनका बेटा सीधे राजनीति में आ रहा है। जैसा कि संभावना है कि, वे जनता दल यूनाइटेड के नेता के तौर पर सामने आ रहे हैं। अब उनकी योग्यता क्या है और समाज के प्रति उनका क्या योगदान है, यह जनता को देखना है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भी वही कर रहे हैं, जो अन्य नेताओं लालू यादव और कांग्रेस के नेताओं ने किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष त्रिवेणी सिंहने की। मौके पर पूर्व मंत्री दसई चौधरी, पूर्व एमएलसी रामबली सिंह चंद्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, जेपी सिंह, मसीहउद्दीन, डॉ अनुज कुमार, उमेश यादव, सूर्य देव वर्मा, पूनम देवी, नरेश चौधरी, उमेश सिंह चंद्रवंशी सहित अन्य मौजूद थे।
भईया जी की रिपोर्ट