पटना : राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शहरी क्षेत्रों में पॉलीक्लिनिक व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अब लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उनके घर के नजदीक ही मिल रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 148 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) संचालित हैं, जिनमें से 51 केंद्रों पर पॉलीक्लिनिक सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच इन केंद्रों पर कुल 1,81,239 मरीजों को ओपीडी सेवाओं का लाभ मिला है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पॉलीक्लिनिक केंद्रों पर सामान्य चिकित्सा के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। साप्ताहिक रोस्टर के आधार पर जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, त्वचा रोग, ईएनटी (कान-नाक-गला) और नेत्र रोग के विशेषज्ञ मरीजों को परामर्श एवं उपचार दे रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक पॉलीक्लिनिक में लैब टेक्नीशियन, टेलीमेडिसिन कोऑर्डिनेटर और मल्टी-टास्किंग स्टाफ की भी व्यवस्था की गई है, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। जनवरी 2026 से इन केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सेवा भी शुरू कर दी गई है।
पहले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्य रूप से सामान्य चिकित्सक ही उपलब्ध होते थे, जिसके कारण मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए जिला अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। अब पॉलीक्लिनिक व्यवस्था लागू होने से मरीज अपने नजदीकी केंद्र पर ही विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त कर पा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी वित्तीय वर्ष तक सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पॉलीक्लिनिक सेवाएं शुरू करने का है।