नवादा : जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के अमांवा पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान के फर्जी अनुज्ञप्ति मामले अनुज्ञप्ति संख्या 85 / 17 की सुनवाई सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग बिहार पटना के आदेश के आलोक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। सचिव के द्वारा पहले उपस्थित पदाधिकारी के बारे में जानकारी ली गई कि कौन-कौन पदाधिकारी उपस्थित रहे उनके आदेश के आलोक में सबसे पहले उन्होंने पूछा की नवादा से कौन पदाधिकारी है तो इधर से बताया गया की सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी हूं सर और मुख्यमंत्री के प्रोग्राम के चलते आज डीएसओ नवादा नहीं उपस्थित है।
उन्होंने सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी नवादा को प्रतिनियुक्ति किया इसके बाद रजौली से उन्होंने पूछा कि रजौली से कौन पदाधिकारी है तो उधर से रजौली एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन अपने कार्यालय से VC के माध्यम से उपस्थित थे। इसके बाद सचिव महोदय ने सीधा और सख्त आदेश दिया कि अभी इस मामले पर मैं कोई निर्णय नहीं लूंगा और आपको मैं यह आदेश दे रहा हूं कि आप अब जिला पदाधिकारी नवादा के माध्यम से जांच टीम गठित करते हुए चयन समिति का गठन करते हुए अंतिम जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी के हस्ताक्षर से मुझे प्रेषित किया जाय।
अपीलकर्ता को यह सूचित किया जाता है कि अगली तिथि में जिला पदाधिकारी नवादा का जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले पर निर्णय लिया जाएगा तब तक के लिए अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर आपको सूचित कर दिया जाएगा। उन्होंने अपीलकर्ता से कहा की जिला पदाधिकारी नवादा का रिपोर्ट आने दीजिए तब मैं अपना निर्णय लूंगा। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी रजौली नवादा को निर्देश दिया कि आप लोग जिला पदाधिकारी फाइल से अवगत करा दें और एक जांच टीम गठित करके और चयन समिति का गठन करके इस मामले में जिला पदाधिकारी मुझे अपना रिपोर्ट दें तब मैं इसकी सुनवाई करूंगा।
दूसरी ओर फर्जी पीडीएस डीलर योगेंद्र पासवान मुझ पर झूठ और फर्जी आरोप लगाते हुए सचिव खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग और अन्य जगह फर्जी आवेदन दिया ताकि मैं उससे भयभीत होकर इस कार्रवाई को रोक दूं और यह जाति का राग अलाप रहा है और कह रहा है कि अपीलकर्ता ने योगेंद्र पासवान से ₹200000 मांग रहा तथा कहा जा रहा है कि जब नहीं दोगे तब तुम्हारा लाइसेंस रद्द करवा दूंगा। सच्चाई यह है कि जीवन में ना तो अपीलकर्ता ने कभी सामने से देखा है नही कभी फोन पर बात किया है। सचिव का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा आवेदन दिया गया है।
भईया जी की रिपोर्ट