– 10.87 करोड़ की हुई वसूली, 58 पीठों के माध्यम से पटना न्याय मंडल में ऐतिहासिक सुलह
पटना : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार शनिवार को पटना व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन में न केवल कानूनी विवादों का निपटारा हुआ, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी जीत हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के रूपेश देव ने की, जबकि संचालन सचिव पल्लवी आनंद द्वारा किया गया।
विवादों के बीच महकी प्यार की खुशबू
लोक अदालत का सबसे भावुक और ऐतिहासिक क्षण तब देखा गया जब पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश-सह-मुख्य संरक्षक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के संगम कुमार साहू की उपस्थिति में परिवार न्यायालय के दो मामलों में सुलह कराई गई। लंबे समय से अलग रह रहे दो दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया। दोनों जोड़ों ने एक-दूसरे को गुलाब का फूल भेंट कर नए जीवन की शुरुआत की।
58 पीठों ने सुनीं शिकायतें, करोड़ों का हुआ सेटलमेंट
लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए पटना सदर में 22 और पूरे पटना न्याय मंडल में कुल 58 पीठों का गठन किया गया था। कुल 7033 मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान विभिन्न मदों में कुल 10 करोड़ 87 लाख 44 हजार 299 रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई।
निपटाए गए मुख्य मामले बैंक, BSNL व ट्रैफिक के 3251 मामले, आपराधिक सुलहनीय वाद के 2127 मामले, एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के 1241 मामले, विद्युत (पेसु) के 397 मामले के साथ ही श्रम एवं मोटर दुर्घटना के 12 मामले थे। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पैनल अधिवक्ताओं, पारा विधिक स्वयंसेवकों और बैंक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बड़ी संख्या में पहुंचे आम लोगों ने भी इस त्वरित न्याय प्रक्रिया का स्वागत किया।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट