नवादा : जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। नरहट थाना क्षेत्र के हमिदपुर बारा गाँव में दबंगों ने न केवल एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया, बल्कि एक छात्रा के भविष्य को भी अंधकार में धकेल दिया। गांव के हीं दबंगों द्वारा प्रेम प्रसंग के एक मामले को लेकर पूरे चंद्रवंशी समाज को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे इलाके में भारी तनाव और खौफ का माहौल है।
मैट्रिक परीक्षार्थी को केंद्र पर धमकाया, परीक्षा से किया वंचित
पीड़ित परिवार की बेटी, मनीषा कुमारी, रजौली इंटर कॉलेज में मैट्रिक की परीक्षा दे रही थी। आरोप है कि गाँव के ही दबंग—मिथिलेश यादव, प्रिंस कुमार, अमोद यादव, संतोष यादव, सीताराम यादव और राजेश यादव—परीक्षा केंद्र पर पहुँच गए। वहां छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया और जिस मकान में वह रुककर परीक्षा दे रही थी, उस मकान मालिक को भी जान से मारने की धमकी दी गई।
खौफ के कारण छात्रा को वह घर छोड़ना पड़ा। तीन दिनों तक छुपकर परीक्षा देने के बाद, जब दबंगों ने उसे केंद्र से ही अगवा करने की कोशिश की, तो वह जान बचाकर अपनी मौसी के घर (ग्राम सुघड़ी, थाली थाना) भाग गई। दहशत के कारण उसकी आगे की परीक्षा छूट गई और उसका एक साल बर्बाद हो गया। पंचायत समिति सदस्य के नेतृत्व में जेसीबी से दबंगों का कहर गणेश चंद्रवंशी के घर पर टूटा। आरोप है कि पंचायत समिति सदस्य प्रवेश यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जेसीबी लेकर पहुँचे और देखते ही देखते गणेश सिंह के पक्के मकान को जमींदोज कर दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घर गिराने के साथ-साथ दबंगों ने 05 गाय और बछिया खोल लीं साथ हीं घर में रखी टोटो गाड़ी, जेवरात, गेहूं और चावल लूट लिए। घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ की। पूरे मोहल्ले की घेराबंदी कर चंद्रवंशी समाज पर सामूहिक प्रताड़ना का आरोप है। बताया जा रहा है कि दबंगों ने पूरे मोहल्ले की बिजली और पानी का कनेक्शन काट दिया । कई घरों में बाहर से ताले जड़ दिए हैं ताकि लोग अपने ही घरों में कैद हो जाएं या गाँव छोड़कर भाग जाएं।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
इतनी बड़ी घटना के बावजूद पीड़ित परिवार पुलिस के पास जाने से कतरा रहा है। आरोप है कि दबंगों ने उन्हें थाना जाने या आवेदन देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी है। वर्तमान में पीड़ित परिवार अपने पुश्तैनी गाँव को छोड़कर रिश्तेदारों के यहाँ शरण लेने को मजबूर है। घटना में मिथिलेश यादव, संतोष यादव, आमोद यादव, सन्नी यादव, मनीष यादव, विनोद यादव, प्रिंस यादव, अंकित यादव, सीताराम यादव और रौशन यादव को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। अब देखना यह है कि नवादा पुलिस और जिला प्रशासन इन रसूखदार दबंगों पर कार्रवाई करती भी है या फिर पीड़ित परिवार को उसके रहमोकरम पर छोड़ देती है?
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट