नवादा : इस वर्ष चैत्र वासंतिक नवरात्रि का श्रीगणेश 19 मार्च को और समापन 27 मार्च को होगा। 25 मार्च को निशा पूजा और 27 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी। हालांकि पूर्णाहुति का कार्य 26 मार्च की शाम से ही शुरू हो जाएगा। इस वर्ष माता डोली पर सवार होकर आ रही हैं और गमन हाथी पर होगा। नवरात्रि के पहले दिन शुक्ल और ब्रह्म योग के साथ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है जो शुभ फलदायक रहेगा। वैसे साल में चार नवरात्रि आते हैं।
इसमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि महत्वपूर्ण माने गए हैं। माघ और आषाढ़ के नवरात्रि गुप्त माने जाते हैं। इनमें योगी गुप्त व्रत रखते हैं। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:40 बजे से शुरू हो रही है, जो 20 मार्च की सुबह 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि का श्री गणेश और कलश स्थापना 19 मार्च को होगा। इस क्रम में, 22 मार्च से चैती छठ की शुरुआत हो जाएगी।
नवरात्रि के पहले दिन होगी कलश स्थापना
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विधान है। इससे देवी प्रसन्न होती हैं। कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश और मातृगण का निवास माना जाता है। इसकी स्थापना से जातक को शुभ परिणाम मिलते हैं। नवरात्रि के पहले दिन शुक्ल और ब्रह्म योग के साथ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है। यह अति शुभ फलदायी है।
नवरात्रि संस्कृत का शब्द है। इसका अर्थ नौ रात है। इन नौ दिनों में उपवास रखकर दुर्गा देवी की पूजा की जाती है। दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा स्त्रोत और दुर्गा चालीसा के साथ रामचरितमानस का भी पाठ किया जाता है। भक्ति भाव से आराधना करने से दुर्गा मां प्रसन्न होती हैं। इस बार माता का आगमन डोली पर गुरुवार को हो रहा है। नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से होती है तो माना जाता है कि माता डोली का आगमन डोली पर होता है। माता का डोली पर आगमन महामारी का प्रतीक है, वहीं हाथी पर गमन धन धान्य और समृद्धि वाला और विशेष फलदायी माना गया है।
कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त 48 मिनट का
इस बार कलश स्थापना का समय 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक अच्छा है। वैसे 10 बजकर 30 मिनट तक कलश स्थापना किया जा सकता है। इसके अलावा कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में भी की जा सकती है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। जिसमें 48 मिनट का समय मिलेगा।
चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान 22 मार्च
नवादा। आस्था, साधना, आराधना और सूर्योपासना का महापर्व चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान इस बार 22 मार्च रविवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। इसको लेकर व्रतियों के घरों में अभी से भक्ति का माहौल बनने लगा है। बेहद खास और अहम पर्व छठ कई मायनों में खास होता है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व 22 मार्च को नहाय-खाय से शुरू होगा। 23 मार्च को खरना और 24 मार्च को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन करेंगे। बेहद खास और अहम पर्व छठ कई मायनों में खास होता है।
27 को मनाया जाएगा रामनवमी, प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव परंपरागत रामनवमी के रूप में मनाया जाएगा। हिन्दुओं के लिए यह सबसे बड़ा दिन होता है। इस बार रामनवमी का पर्व 27 मार्च शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। रामनवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त दिन 12 बजे के पूर्व ही संपन्न होगा। हृषीकेश पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 26 मार्च को दिन 2:11 बजे से शुरू होकर 27 मार्च को दिन 12:02 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार रामनवमी शुक्रवार 27 मार्च को मनाना शुभदायक है। हिन्दुओं के लिए यह सबसे बड़ा दिन माना जाता है।
भईया जी की रिपोर्ट