-अधिवक्ता रंजन कुमार के ग्रामीण पर्यटन प्रयासों का परिणाम
नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र का पिरौटा गांव इस बार होली के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया। जापान की टीवी स्टार कायो वाकाटाबे, गायक ताकेरु और मशहूर शेफ असामी यहां पहुंचे और कुछ दिन गांव में रहकर ग्रामीण जीवन, भारतीय संस्कृति और होली के रंगों को करीब से महसूस किया। विदेशी मेहमानों के आगमन से गांव में उत्साह का माहौल रहा और ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। होली के दौरान जापानी मेहमानों ने गांव के लोगों के साथ रंग-गुलाल खेला, पारंपरिक भोजन का स्वाद लिया और ग्रामीण जीवन की सादगी को नजदीक से देखा।
जापानी पर्यटकों को प्रभावित कर गई गांव की संस्कृति
खेत-खलिहान, पोखर, आहर और कुओं के बीच बसे इस गांव का प्राकृतिक वातावरण उन्हें खासा प्रभावित कर गया। गांव के लोगों के साथ उन्होंने सांस्कृतिक बातचीत की और भारतीय परंपराओं को समझने की कोशिश की। दरअसल, पिरौटा गांव का सूर्य मंदिर और इसके आसपास का प्राकृतिक परिवेश अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाता जा रहा है। गांव के ही अधिवक्ता रंजन कुमार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पिरौटा को रूरल टूरिज्म गांव के रूप में विकसित करने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपी थी।
तब मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कृषि और पर्यटन विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। कोविड-19 के कारण इस योजना की गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई, लेकिन रंजन कुमार ने अपने प्रयास जारी रखे। उन्होंने भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर से रूरल टूरिज्म का अध्ययन किया है और उसी आधार पर अपने गांव में इस मॉडल को लागू करने की पहल कर रहे हैं। उनका उद्देश्य पिरौटा को स्वच्छता, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवनशैली के लिए देश-विदेश में पहचान दिलाना है।
इसी पहल के तहत वे समय-समय पर जापान से पर्यटकों को गांव लाते हैं, ताकि विदेशी मेहमान भारतीय ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक जीवन पद्धति को करीब से देख सकें। हाल ही में गांव पहुंचे जापानी पर्यटकों ने यहां के पोखर, आहर, कुएं और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों की सराहना करते हुए कहा कि यही गांव की असली पहचान हैं और इन्हें प्राकृतिक रूप में संरक्षित रखना जरूरी है।
जापानी मेहमानों ने सूर्य मंदिर के पास स्थित तालाब को प्राकृतिक वर्षा जल संचयन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उनका कहना था कि यदि कम लागत में यहां वाकिंग ट्रैक, स्ट्रीट लाइट, पुस्तकालय और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था कर दी जाए तो यह स्थान ग्रामीण पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बन सकता है। गांव का विशाल बरगद का पेड़ भी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है। जापानी पर्यटकों ने सुझाव दिया कि गांव के बांस क्षेत्र को जापान के प्रसिद्ध अरश्यामा बांस वन (क्योटो) की तर्ज पर विकसित किया जाए।
इससे न केवल गांव की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ेगी बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। ग्रामीणों सुनील कुमार, मनोज कुमार, उपेन्द्र सिंह, अविनाश कुमार आदि का कहना है कि पहली बार उनके गांव में विदेशी मेहमानों ने होली मनाई। इससे उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के सामने दिखाने का मौका मिला। गांव के लोग विदेशी मेहमानों को अपने बीच पाकर काफी उत्साहित नजर आए।
जिला मुख्यालय से 21 किमी दूर है पिरौटा गांव
पिरौटा गांव जिला मुख्यालय से करीब 21 किलोमीटर दूर अकबरपुर प्रखंड के पांती पंचायत में स्थित है। नवादा से एनएच-20 होकर फतेहपुर मोड़ तक पहुंचने के बाद गोविंदपुर-अकबरपुर सड़क मार्ग पर करीब चार किलोमीटर अंदर यह गांव पड़ता है। यहां का सूर्य मंदिर, मंदिर के पास स्थित पोखर और विशाल बरगद का पेड़ प्रमुख आकर्षण हैं। गांव के लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर आधारित है।
भईया जी की रिपोर्ट