नवादा : होली उत्सव और भारतीय ग्रामीण जीवन का अनुभव लेने के बाद जब जापानी मेहमान अपने देश लौटने लगे तो उनके चेहरे पर पिरौटा गांव की यादों की झलक साफ दिखाई दे रही थी। विदेशी मेहमानों ने कहा कि इस गांव में बिताया गया समय उनके लिए जीवन भर की अमूल्य स्मृति बन गई है। जापान से आई टेलीविजन टैलेंट कायो बाकाटाबे, प्रसिद्ध जापानी गायक ताकेरु और मशहूर शेफ आसामी ने कहा कि पिरौटा के लोगों का स्नेह, आत्मीयता और अपनापन उन्हें हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां का सरल ग्रामीण जीवन, खेत-खलिहान, परंपराएं और होली का उत्सव उनके लिए एक अनोखा अनुभव रहा। जो दुनिया के किसी बड़े शहर में नहीं मिल सकता।
सादगी ने हमें प्रभावित किया
टेलीविजन कलाकार कायो बाकाटाबे ने कहा कि पिरौटा गांव में लोगों ने हमें जिस प्यार और सम्मान के साथ अपनाया, वह दिल को छू लेने वाला है। यहां की संस्कृति और लोगों की सादगी ने हमें बहुत प्रभावित किया है। जापानी गायक ताकेरु ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां का माहौल बहुत ही शांत और प्राकृतिक है। ग्रामीणों के साथ होली खेलना और खेतों के बीच समय बिताना हमारे लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। हम फिर से यहां आना चाहेंगे। भारत की संस्कृति अनुठी है।
वहीं, प्रसिद्ध शेफ आसामी ने कहा कि गांव का पारंपरिक भोजन, मिट्टी की खुशबू और लोगों का अपनापन हमारे दिल में बस गया है। यह यात्रा हमारे जीवन की सबसे खास यात्राओं में से एक रहेगी। जापानी मेहमानों ने पिरौटा निवासी एडवोकेट रंजन कुमार की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनका सपना भारतीय ग्रामीण संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास है।
पिरौटा गांव पर्यटन केंद्र बनेगा?
उन्होंने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से भी आग्रह किया कि यदि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और सुविधाएं विकसित की जाएं तो नवादा जिले का पिरौटा गांव देश का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर, बोधगया और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर जैसे ऐतिहासिक स्थलों के पास स्थित होने के कारण इस क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो पिरौटा भविष्य में मेघालय के प्रसिद्ध पर्यटन गांव मेंमावलिनॉन्ग की तरह एक नई पहचान बना सकता है। अर्थात, “पिरौटा में रहने के दौरान हमें ऐसे अनुभव मिले जो सामान्यतः कहीं और नहीं मिलते। इसके लिए हम दिल से धन्यवाद देते हैं और हम फिर से पिरौटा गांव जरूर आएंगे।”
इस अवसर पर जापानी मेहमानों ने कहा कि पिछले कई दिनों से स्वत्व व हमारा जनमंथन यूट्यूब चैनल पर उनके पिरौटा प्रवास से जुड़ी खबरें लगातार प्रकाशित की जा रही थीं, जिसके लिए वे संवाददाता भैया जी और पूरे संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि पिरौटा गांव और यहां के अनुभव पर प्रकाशित समाचारों की कटिंग को वे जापान में भी साझा करने और प्रकाशित कराने का प्रयास करेंगे। ताकि वहां के लोग भी भारत के ग्रामीण जीवन की सुंदरता को जान सकें।
भईया जी की रिपोर्ट