नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र के कुहिला गांव में ऐतिहासिक मढ़ी पूजा का 126 वां उर्स 9 एवं 10 मार्च को श्रद्धा, भक्ति और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाया जाएगा। यह आयोजन प्रेम, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल है। मड़ही में हाजी वारिस अली शाह उर्फ सरकार वारिस पाक (देवा शरीफ, यूपी) के अनुयायी एवं एहरामपोश फकीर सैय्यद अब्दुल्ला शाह वारसी की याद में पूजा-अर्चना की जाती है।
मढ़ी के संस्थापक कुहिला निवासी पंडित श्यामलाल मिश्र उर्फ (अनवार शाह वारसी साहब) ने सन् 1901 में इस परंपरा की शुरुआत की थी, तब से अबतक लगातार जारी है। आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। सभी लोग एक साथ पूजा-इबादत, चादरपोशी और मन्नतें मांगते हैं, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की झलक देखने को मिलती है।
आयोजन समिति के अनुसार 9 मार्च को दोपहर 2 बजे से मढ़ी में दिव्योपासना प्रारंभ होगी तथा 3 बजे से चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी। रात्रि में मज़ार शरीफ पर विशेष पूजा, इबादत और चादरपोशी का कार्यक्रम होगा। मौके पर भजन, कव्वाली और लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें स्थानीय कलाकारों के साथ बाहरी कलाकार भी स्वेच्छा से भाग लेंगे। पूरे आयोजन की तैयारियाँ ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से की जा रही हैं।
मड़ही और मज़ार शरीफ की साफ-सफाई, सजावट, पंडाल, रोशनी तथा दो दिनों तक चलने वाले लंगर की व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उल्लेखनीय है कि चैत मड़ही पूजा के बाद मड़ही के संस्थापक पंडित श्यामलाल मिश्र उर्फ (अनवार शाह वारसी ) की स्मृति में वैशाख मड़ही पूजा धूमधाम से मनाई जाती है, जो इस वर्ष 20 एवं 21 अप्रैल 2026 को आयोजित की जायेगी । आयोजन क्षेत्र में भाईचारे और सद्भाव का संदेश देता रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट