नवादा : नालसा एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री आशुतोष कुमार झा तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में दिनांक 14.03.2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से आमजनों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी जा रही है। व्यवहार न्यायालय, में कुल 3950 वादों को चिन्हित किया गया है तथा 3503 पक्षकारों को नोटिस तामिला हेतु सर्व किया जा चुका है। चिन्हित वादों में एमएसीटी – 96, मैट्रिमोनियल – 12, क्रिमिनल वाद – 3433, जी०ओ० वाद (माइनिंग) – 106, वन वाद – 134, माप-तौल – 82, श्रम वाद – 23, धारा 138 एन.आई. एक्ट – 54, सिविल वाद – 10, टेलीफोन वाद – 251 तथा बैंक से संबंधित मामलों की बड़ी संख्या शामिल है।
विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि सभी विभाग समय पूर्व आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण करें तथा निर्गत नोटिसों की तामिला शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि पक्षकार आपसी सुलह के माध्यम से अपने मामलों का निपटारा कर सकें। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय वादों के निष्पादन पर बल दिया। व्यवहार न्यायालय के पदाधिकारियों द्वारा पीठ लिपिक एवं कार्यालय लिपिकों को पक्षकारों पर नोटिस निर्गत करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, जिससे अधिकाधिक मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सके।
Mediation 2.0 “For the Nation” अभियान से मध्यस्थता को मिलेगा बढ़ावा:-
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में दिनांक 02.03.2026 को 90 दिवसीय Mediation 2.0 – “For the Nation” अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु बैठक आयोजित की गई। विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को मध्यस्थता के माध्यम से सरल, सुलभ एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। यह पहल न्यायालय की जटिल प्रक्रिया के स्थान पर संवाद, सहमति एवं सौहार्दपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देती है, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा संभव हो सके। पक्षकार ऑनलाइन, ऑफलाइन एवं हाइब्रिड मोड में भाग लेकर मध्यस्थता प्रक्रिया का लाभ उठा सकते हैं।
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री गिरधारी उपाध्याय ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनमें समझौते की संभावना अधिक है, जैसे— पारिवारिक विवाद, क्लेम वाद, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस (धारा 138 एन.आई. एक्ट), उपभोक्ता विवाद, सुलहनीय आपराधिक मामले, बंटवारा वाद, मकान मालिक-किरायेदार विवाद तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले। चिन्हित मामलों में पक्षकारों को सूचना देकर मध्यस्थों को मामले सौंपे जाएंगे, जहाँ प्रशिक्षित मध्यस्थ अधिवक्ताओं के सहयोग से आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आमजनों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत एवं Mediation 2.0 अभियान का अधिकाधिक लाभ उठाकर सुलह-समाधान के माध्यम से अपने मामलों का शीघ्र निपटारा कराएं।
भईया जी की रिपोर्ट