नवादा : अहिंसा का अलख जलाने के उद्देश्य से देश भर में मंगल पदविहार कर रहे जैन संतों व साध्वियों का काफिला जिला मुख्यालय स्थित जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रथम शिष्य श्री गौतम गणधर स्वामी की निर्वाण स्थली श्री गोणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पर पर पहुंचा। गोणावां क्षेत्र पर पधारे संत-साध्वी संघ में उपाध्याय श्री 108 विज्ञानंद जी मुनिराज व श्री धैर्यनंद जी मुनिराज के साथ ही आर्यिका 105 श्री प्रशांत नंदिनी माता जी व क्षुल्लिका श्री सुख नंदिनी माता जी सम्मिलित थीं।
क्षेत्र पर स्थित मंदिरों के दर्शन-वंदन के पश्चात सभी संत-साध्वियों की आहारचर्या संपन्न हुई। सामायिक के पश्चात सभी संत-साध्वियों का तीर्थंकर वासुपूज्य की निर्वाण स्थली चंपापुर (भागलपुर) के लिए मंगल पदविहार हुआ। गोणावां से नवादा के लिए संतों-साध्वियों के मंगल पदविहार में जैन समाज के प्रतिनिधि-सह-भगवान महावीर प्रथम साधना स्थली, पावापुरी के महामंत्री दीपक जैन के साथ ही रौशन जैन, ललितपुर (उ.प्र.) के मनीष जैन व अलवर (राजस्थान) की निशा जैन सम्मिलित थीं।
नवादा स्थित दिगम्बर जैन मंदिर के दर्शन-वंदन के पश्चात सभी संत-साध्वीगण अपने अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान कर गए। समाजसेवी दीपक जैन ने बताया कि जैन संतों-साध्वियों का यह काफिला राजगृह, कुंडलपुर व पावापुरी होते हुए गोणावां पहुंचा था। काफिला चंपापुर व मंदारगिरि होते हुए जैन धर्म 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली झारखंड राज्य के गिरिडीह जिलांतर्गत श्री सम्मेदशिखर जी पहुंचेगा।
भईया जी की रिपोर्ट