-लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने का निर्देश
नवादा : समाहरणालय सभा कक्ष में जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने समाज कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। सर्वप्रथम जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना एवं पोषण ट्रैकर की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों का लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
डीपीओ, आईसीडीएस द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण लक्ष्य के अनुरूप कम पाया गया। हिसुआ, मेसकौर एवं पकरीबरावां प्रखंडों द्वारा निरीक्षण सबसे कम किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस एवं सभी सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण लक्ष्य के अनुसार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा में कौआकोल एवं रोह की प्रगति सबसे कम पाई गई। जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को तीन दिनों के अंदर प्रपत्रों का संग्रह कर पोर्टल पर प्रविष्टि करते हुए प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सबसे न्यूनतम उपलब्धि रोह, रजौली एवं अकबरपुर में पंजीकरण कम पाया गया, जिसे लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि कुल 23 केंद्रों के निर्माण के लिए राशि विभाग से प्राप्त है। जिला पदाधिकारी ने इन केंद्रों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) को अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीपीओ, मनरेगा द्वारा बताया गया कि चिन्हित एवं उपयुक्त भूमि का सीमांकन कर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ संचालन एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में अपेक्षित सुधार संभव है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विगत समीक्षा के पश्चात पेंशन एवं गैर-पेंशन योजनाओं की प्रगति में सुधार हुआ है, किंतु बीपीएल परिवारों से संबंधित योजनाओं में लक्ष्य प्राप्ति हेतु और अधिक तीव्र गति से कार्य करने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लक्ष्य के विरुद्ध खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण करने का निर्देश सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग को दिया। इस क्रम में जिलाधिकारी ने प्रभारी सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को निर्देश दिया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित कराएं तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग अंतर्गत संचालित परवरिश योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, संबल योजना एवं यूडीआईडी परियोजना आदि की विस्तृत समीक्षा की गई।
परवरिश योजना के अंतर्गत लाभुकों की संख्या बढ़ाने हेतु सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग को निर्देशित किया गया कि वे प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के माध्यम से पंचायत एवं ग्राम स्तर पर कर्मियों द्वारा अनाथ एवं पात्र बच्चों का सर्वेक्षण कराते हुए पात्रता के अनुसार आवेदन सृजित कराएं। इस अवसर पर सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग, डीपीओ, आईसीडीएस, अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी,डीपीओ (मनरेगा) सहित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट