नवादा : जिले का ऐतिहासिक मां सीता की निर्वासन स्थली व लव कुश की जन्मस्थली मेसकौर प्रखंड का सीतामढ़ी अब विदेशी पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है। वर्षों तक पर्यटन के मामले में पिछड़ा माना जाने वाला यह स्थल अब अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर रहा है।
मुख्य बिंदु
वर्ष 2026 के जनवरी-फरवरी में करीब छह दर्जन विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं। सीतामढ़ी अब राजगीर और बोधगया जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की श्रेणी में स्थान बना रहा है। सीतामढ़ी मंदिर, लवकुश का खुटा और महर्षि वाल्मीकि आश्रम प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। बेहतर सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि।
फ्रांस से आए 30 पर्यटकों ने मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन किया। विदेशी सैलानियों ने ध्यान-साधना कर भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा की जानकारी ली। पर्यटकों ने सीतामढ़ी को आध्यात्म, संस्कृति और मानवता का अद्भुत संगम बताया। स्थानीय लोगों का मानना है कि सुविधाओं और प्रचार-प्रसार में वृद्धि होने पर सीतामढ़ी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान बनाएगा।
भईया जी की रिपोर्ट