पटना : राजधानी पटना के मीठापुर और उससे सटे प्रमुख रिहायशी व व्यावसायिक क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की कवायद तेज हो गई है। ट्रैफिक सुधार और रोड सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए 17 महत्वपूर्ण स्थानों पर नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। ये सभी सिग्नल सीधे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जुड़े होंगे।
नए सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन सिग्नलों की निगरानी कमांड सेंटर से रियल-टाइम में की जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक पुलिस को जाम की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आने की उम्मीद है। सर्वे के बाद जिन स्थानों को सिग्नल स्थापना के लिए उपयुक्त पाया गया है। मीठापुर न्यू बाईपास, करबिगहिया पेट्रोल पंप, जीपीओ पुल के नीचे और आर ब्लॉक के नीचे। मलाही पकड़ी पुल के नीचे, मुन्ना चौक और डंका इमली गोलंबर।
डीपीएस मोड़, गोला रोड, रूपसपुर पुल (दोनों ओर), आरा गार्डन मोड़ और त्रिभुवन मोड़। अंबेडकर पथ, आयुक्त कार्यालय मोड़, स्वामी नंदन तिराहा, गौरिया टोली और एनआईटी (NIT) मोड़। सर्वे के दौरान कुछ व्यस्त इलाकों को फिलहाल इस योजना से बाहर रखा गया है। आरपीएस मोड़ पर मेट्रो का काम चलने के कारण सिग्नल लगाना संभव नहीं है। अगमकुआं आरओबी, पूरब दरवाजा, चौक थाना, विसंभरपुर और बिहटा चौक में सड़कें संकरी होने या निर्माण कार्य के कारण इन्हें अस्वीकार कर दिया गया है। जीपीओ के ऊपर पुल होने और चिल्ड्रेन पार्क के पास तकनीकी पेचीदगियों की वजह से सिग्नल नहीं लग पाएंगे।
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ महीनों के भीतर इन सभी चिन्हित स्थानों पर सिग्नलों की स्थापना पूरी कर ली जाएगी। स्मार्ट सिग्नल सिस्टम न केवल वाहनों के परिचालन को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर डिजिटल निगरानी भी सख्त होगी। ट्रैफिक के दबाव के अनुसार सिग्नल की टाइमिंग में बदलाव संभव। पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए सड़क पार करना होगा आसान। कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े होने के कारण आपातकालीन स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना मिलेगी।