अरवल-अरवल मुख्यालय शहर के दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दुकाने बंद रखा गया । बाजार क्षेत्र के दिन में बालू लदे ट्रको का हो नो इंट्री,की मांग को लेकर अपनी-अपनी दुकाने बंद रखी,दुकानदारों का कहना है की,कई महिनों से बालू लदे ट्रको से,सिर्फ अरवल ही नहीं,बल्कि पटना-औरंगाबाद रोड की लम्बी जाम की समस्या बनी हुई है ।जिसके कारण व्यवसायियों का व्यवसाय तो प्रभावित है ही,बल्कि इसके कारण रोड जाम की चपेट में आ जाने से,कई घर की गोद उजड़े,तो किसी महिला का मांग सुनी हो गयी है। एन एच -139 का आंकड़ा इतना भयावक है की पुरे बिहार का रोड एक्सीडेंट से हुये मौत का आंकड़ा सबसे ऊपर है।
बिहार सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा दो वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए, अरवल में नहर के पश्चिम समानन्तर रोड और दूसरा ग्रीनफिल्ड के रूप में एन एच -139 से एन एच-110 रोड को शहर के बाहर से रोड जोड़ने की बाई-पास मार्ग को बनाने की घोषणा पूर्व से ही,हो रखी है, ताकि शहरवाशियो का रोड जाम की समस्या ना बने पर वो भी घोषणाएं अब-तक पेपर तक ही सीमित है ।
चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष अमितेश कुमार उर्फ़ मंटू एवं दवा एसोशियन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार ने कहा की,इस रोड जाम की समस्या से, सिर्फ दुकानदारों को व्यवसाय ही प्रभावित नहीं है। स्कूली बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे है, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच रहे है, एम्बुलेंस घंटो रोड जाम में फंसे जा रहे है,मरीज का बुरा-हाल हो जा रहा है।व्यवसायी संगठन के संरक्षक अंगद कुमार ने बताया की बालू लदे ट्रक के आवा जाही पर रोक लगाने की मांग नहीं की है बल्कि दिन में बालू लदे ट्रको का नो इंट्री लगे।
इसके साथ ही,अरवल में ग्राहक पार्किंग क्षेत्र में गाड़ी लगाकर खरीददारी करें,पार्किंग स्थान को चिन्हित करने की मांग रखा गया है, अध्यक्ष अमितेश ने बताया की,मांगे पूरी नहीं हुई तो,अरवल के दुकानदार अपनी स्वेच्छा से अनिश्चित कालीन दुकाने बंद रखने की घोषणा शीघ्र करेंगे। ऐसे भी अरवल का व्यवसायियों का कारोबार चौपट है,उनपर रूम का किराया, स्टॉफ का खर्चा, घर की खर्चे,स्कूलों की फीस एवं अन्य खर्चे पर आर्थिक संकट आन पड़ी है, इस मौक़े पर सचिव रविकांत उर्फ़ पिंकू गुप्ता, कोषाध्यक्ष गौरव चौरसिया, संगठनमंत्री विकाश कुमार, व्यवसायी सुधीर कुमार, मो0 कल्लू, रिंकू कुमार, मो0 सहजाद खान इत्यादि कई दुकानदार उपस्थिति थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट