नवादा : जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में भू-अर्जन से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास कार्यों, तकनीकी परियोजनाओं एवं विभिन्न विभागीय गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री अमित रंजन ने बताया कि मौजा मधुवन एवं मोतनाजे में गंगाजल आपूर्ति योजना फेज-02 (पार्ट-01) के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण मामलों में अगले सप्ताह कैम्प आयोजित कर एलपीसी निर्गत करते हुए भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दोनों मौजों में प्रतिनियुक्त राजस्व कर्मचारी एवं अंचल अमीन द्वारा नापी एवं सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, किंतु एसआईए एजेंसी द्वारा अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस पर जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एसआईए एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि कार्यों का क्रियान्वयन शीघ्र प्रारंभ हो सके।
वारिसलीगंज–नवादा रेलवे स्टेशन के क्रॉसिंग सं०-33/B1 के पहुँच पथ सहित आरओबी निर्माण की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि RFCTLARR एक्ट की धारा 11(1) के तहत प्रारम्भिक अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। एसएच-103 मंझवे–गोविंदपुर पथ (पैकेज-07) की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत एलपीसी के आधार पर जांचोपरांत मुआवजा भुगतान की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने सभी रैयतों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, एनएच-20 रजौली–बख्तियारपुर सेक्शन (पैकेज-1) के अंतर्गत 49 एलपीसी में त्रुटि सुधार हेतु रैयतों को नोटिस भेजे गए हैं, परंतु अब तक संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। निबंधित डाक के माध्यम से नोटिस प्रेषित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि भू-अर्जन से जुड़े सभी कार्य नियमानुसार, पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न किए जाएं, ताकि प्रभावित भूमि स्वामियों को समय पर उचित मुआवजा प्राप्त हो सके।
इसके अतिरिक्त, बैठक में भूमि अधिग्रहण से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय नागरिकों एवं हितधारकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। बैठक में अपर भू-अर्जन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (आरडब्ल्यूडी), कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, बिहार शरीफ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट