नवादा : जिले के किसान भूषण सिंह ने 5000 रुपये से मछली पालन शुरू कर 30 लाख का कारोबार खड़ा कर लिया है। उनकी सफलता स्थानीय किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। क्या आपने कभी सोचा है कि ₹5000 की लागत से शुरू हुआ व्यवसाय आपको सालाना 20 लाख की कमाई दे सकता है। यह सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन जिले के नारदीगंज प्रखंड के परमा गांव के रहने वाले भूषण सिंह ने इसे सच कर दिखाया है। छोटे स्तर से शुरू हुआ उनका प्रयास अब एक बड़े कारोबार का रूप ले चुका है। वह सालाना 20 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। उनकी कहानी उन युवाओं को समझना चाहिए जो पशुपालन खेती किसानी करके लखपति बनने की सोच रहें हैं।
5000 से शुरू हुआ सफर, आज है 30 लाख का कारोबार
भूषण सिंह बताते हैं कि उन्होंने करीब 20 साल पहले मछली पालन की शुरुआत की थी। उस समय उनके पास सिर्फ 5000 रुपये की पूंजी थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे अपने काम को बढ़ाते गए। मेहनत, अनुभव और सही तरीके से तालाब प्रबंधन मछ्ली पालन ने उन्हें सफलता दिलाई। उन्हें शुरुआत में कोई सरकारी मदद नहीं मिली, लेकिन धीरे-धीरे आगे चलकर सरकारी कई मत्स्य पालन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि लाभ लेने में काफी परेशानी हुई, पर आगे चलकर अपने मेहनत हिम्मत से सफल किसान बन गए। वर्तमान में उनका 30 लाख का कारोबार पहुंच चुका है।
6 बीघा तालाब में पालन कर रहे हैं मछलियां
भूषण सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में वह 6 बीघा से ज्यादा बड़े तालाब में मछली पालन कर रहे हैं। जहां तालाब में ग्लासकप, ग्लास्टर, नैनी, कटला समेत कई वैरायटी की मछलियां पाले हुए हैं। मछलियों के चारे के लिए वह स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि गोबर और पोल्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट का उपयोग मछलियों के लिए करते हैं, जिससे लागत कम रहती है और उत्पादन बेहतर मिलता है।
दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा श्रोत बने भूषण
किसान भूषण सिंह की सफलता जिले के किसानों के लिए उदाहरण बन चुकी है। कई किसान उनसे सलाह लेने पहुंच रहे हैं, साथ ही मछली पालन की तकनीक से अवगत हो रहे हैं। उनका मानना है कि अगर किसान सही योजना और धैर्य के साथ काम करें तो कम लागत में भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। भूषण सिंह की कहानी यह साबित करती है कि खेती और उससे जुड़े व्यवसाय में संभावनाओं की कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ सही दिशा, मेहनत और धैर्य की। छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है, बस हौसला बुलंद रखना चाहिए।
भईया जी की रिपोर्ट