नवादा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश के आलोक में विद्वान प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर रजौली प्रखंड के अंधरवारी ग्राम पंचायत के सामुदायिक भवन परिसर में मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाओं तथा मेडिएशन 2.0 पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पी.एल.वी. रामानुज कुमार, मुखिया ग्राम पंचायत अंधरवारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। अपने संबोधन में डिफेंस काउंसिल उमेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएँ न्याय, सम्मान एवं समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सरकार, गैर-सरकारी संगठनों एवं कानूनी सहायता संस्थाओं को मिलकर ऐसी व्यवस्थाएँ विकसित करनी चाहिए जो सुलभ, संवेदनशील एवं प्रभावी हों।
उन्होंने बताया कि विधिक जागरूकता, शिक्षा तथा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन ही इन व्यक्तियों के अधिकारों एवं कल्याण की रक्षा का आधार है। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति अपनी असहाय स्थिति के कारण न्याय तक पहुँचने तथा उचित देखभाल प्राप्त करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हैं। उनकी गरिमा की रक्षा, अधिकारों की सुरक्षा एवं पुनर्वास में सहायता प्रदान करने में कानूनी सेवाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर मेडिएशन 2.0 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर 90 दिवस का “Mediation 2.0” अभियान प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य आम लोगों को मध्यस्थता के माध्यम से सरल एवं सुलभ समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न्यायालय की जटिल प्रक्रियाओं के स्थान पर संवाद एवं सहमति आधारित समाधान को प्राथमिकता देता है, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा संभव हो सके। इसमें पक्षकार ऑनलाइन, ऑफलाइन एवं हाइब्रिड मोड में उपस्थित होकर आपसी संवाद के माध्यम से मामलों का निपटारा करा सकते हैं।
डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने बताया कि यह अभियान उन मामलों को कवर करता है जिनमें समझौते की संभावना अधिक होती है। इनमें परिवार वाद, क्लेम वाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, उपभोक्ता विवाद, सुलहनीय आपराधिक मुकदमे, बंटवारा सूट, मकान मालिक एवं किरायेदार विवाद, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता योग्य मामलों की पहचान कर पक्षकारों को नोटिस निर्गत किया जाएगा तथा मामलों को मध्यस्थ के सुपुर्द किया जाएगा, जहाँ मध्यस्थ अधिवक्ता पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा कराएंगे।
भईया जी की रिपोर्ट