नवादा : जिले के रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगियामारण बरवा के जंगलों में पुलिस की सक्रियता ने आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का एक बड़ा मामला उजागर किया। दरअसल, पुलिस की यह कार्रवाई मूल रूप से अवैध शराब के खिलाफ चलाये जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी, लेकिन किस्मत और तकनीक के मेल ने पुलिस को हथियारों की बरामदगी तक पहुंचा दिया।
मजल लोडिंग बंदूक के साथ सेल्फी लेना पड़ा भारी
अपर थानाध्यक्ष अजय कुमार के नेतृत्व मे गठित टीम जब जंगलों में तलाशी अभियान चला रही थी, तभी टीम की नजर एक सुनसान झोपड़ी पर पड़ी, जहां चार युवक सो रहे थे। संदेह होने पर जब पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की और तकनीकी पड़ताल के तहत उनके मोबाइल फोन खंगाले, तो एक चौंकाने वाला सुराग हाथ लगा। मोबाइल की गैलरी में युवकों की एक मजल लोडिंग बंदूक के साथ खिंचवायी गयी तस्वीरें मिलीं, जिसने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया।
कड़ाई से पूछताछ में युवकों ने स्वीकार किया और उनकी ही निशानदेही पर पुलिस ने मौके से अवैध चार मजल लोडिंग बंदूक बरामद कर ली। गिरफ्तार अभियुक्तों में स्थानीय बारा गांव के बेलाडीह टोला निवासी विनोद पासवान का पुत्र वीरचंद कुमार, अशोक पासवान का पुत्र पंकज कुमार और कृष्णा पासवान का पुत्र विकास कुमार शामिल हैं, जबकि चौथा युवक गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के घुरियामा गांव का रहने वाला नाबालिग बताया जा रहा है।
थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि युवकों के पास बरामद चारों हथियार रखने का कोई वैध कारण या दस्तावेज नहीं था और सोशल मीडिया या निजी शौक के लिए हथियार के साथ प्रदर्शन करना कानूनन जुर्म है। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 76/26 में प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपितों का अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन युवकों का किसी नक्सली ,अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह या अवैध शिकार जैसी गतिविधियों से कोई जुड़ाव तो नहीं है।
भईया जी की रिपोर्ट