नवादा : जिले में पशुओं में खुरपका मुंहपका रोग का प्रकोप इन दिनों देखने को मिल रहा है। ऐसे में पशुपालन विभाग के द्वारा जिले में खुरपका–मुंहपका रोग यानी एफएमडी से पशुओं को बचाने के लिए निर्णायक प्रयास शुरू हो गया है। पशुपालन विभाग ने सभी 14 प्रखंडों में व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत कुल 5,08,500 पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दीपक कुशवाहा ने बताया कि 190 कर्मियों की टीम इस काम में जुटी है और गांव-गांव पहुंचकर पशुओं को सुरक्षा कवच दिया जा रहा है।
3 महीने की उम्र से शुरू, हर 6 महीने पर दोहराव
अधिकारियों के अनुसार एफएमडी एक वायरस जनित संक्रामक रोग है, जो छुआछूत के माध्यम से तेजी से फैलता है। इससे पशुओं की उत्पादकता पर गंभीर असर पड़ता है और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पशुओं को साल में दो बार हर 6 महीने के अंतराल पर टीका देना चाहिए। विभाग भी अभियान को दोहराया करता है। फ़रवरी के आखरी सप्ताह तक में अभियान चलाकर गाय, बैल, भैंस और अन्य खुर वाले पशुओं को प्राथमिकता देते हुए टीका लगवा रहीं हैं। किसान 1962 पर कॉल कर मदद प्राप्त कर सकते हैं।
190 कर्मी मैदान में, फरवरी तक चलेगा अभियान
टीकाकरण अभियान चरणबद्ध तरीके से सभी प्रखंडों में संचालित किया जा रहा है। पशु चिकित्सकों और तकनीकी कर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, ताकि लक्ष्य समय पर पूरा हो सके। विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को समय पर टीका लगवाएं और अभियान में सहयोग करें।अगर पशुओं में टीका नहीं लगवाया और बीमारी हो गई तो पशु की जान भी जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यापक पहल से जिले में रोग पर प्रभावी नियंत्रण होगा, पशुधन स्वस्थ रहेगा और पशुपालकों की आजीविका को सुरक्षा मिलेगी।
भईया जी की रिपोर्ट