-हाईकोर्ट से मिली भू स्वामियों को बड़ी जीत
नवादा : पटना उच्च न्यायालय ने निर्माणाधीन मंझवे-गोविन्दपुर पथ (राज्य उच्च पथ संख्या-103)के चौड़ीकरण के लिए अर्जित भूमि का मुआवजा अद्यतन सर्किल दर पर नये सिरे से निर्धारित करने का आदेश दिया है। माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पुणेंदु सिंह ने ककोलत रोड मुआवजा समिति द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में भूअर्जन से जुड़े अधिकारियों को वर्तमान सर्किल दर पर अर्जित भूमि के मुआवजा राशि की नये सिरे से गणना करने को कहा है।
ककोलत रोड मुआवजा समिति के अध्यक्ष और पटना उच्च न्यायालय में इस याचिका के अधिवक्ता सैयद मसीह उद्दीन ने पत्रकारों को बताया कि ककोलत रोड मुआवजा समिति की ओर से इसके सचिव ललन सिंह के साथ ही रजहत ग्राम निवासी काजी सैयद मुनअम, बलिया बुजुर्ग ग्राम निवासी अरविंद घोष तथा अकबरपुर बाजार निवासी रोहन प्रसाद गुप्ता ने पटना उच्च न्यायालय में सी.डब्लु.जे.सी. संख्या – 1701/2026 दायर किया था जिसकी सुनवाई विगत 3 फरवरी को उच्च न्यायालय में हुयी थी।
याचिका में परिवादियों ने यह तथ्य रखा था कि इस पथ के लिए अर्जित भूमि का मुआवजा वर्ष 2014 के 11 वर्ष पुराने सर्किल दर पर निर्धारित किया गया है जो अत्यंत ही न्यूनतम और नैसर्गिक न्याय के प्रतिकूल है। पटना उच्च न्यायालय के इस आदेश के फलस्वरूप 47 किलो मीटर लम्बे मंझवे-गोविन्दपुर पथ के चौड़ीकरण से प्रभावित हजारों रैय्यतों में बाजार मूल्य पर उचित मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है।
भईया जी की रिपोर्ट