– खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव ने मांगा जबाव
नवादा : जिले के आपूर्ति विभाग में भुचाल आना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसा भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा पीडीएस विक्रेता को जानबूझकर बचाने व खाद्यान्न की कालाबाजारी कराने में सहयोग के कारण हो सकेगा। यहां हम बात कर रहे हैं जिले के रजौली प्रखंड अमावां गांव के पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान की। जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल द्वारा तीन वर्षों पूर्व अधिकारियों को योगेन्द्र पासवान की अनुज्ञप्ति फजी होने का प्रमाण उपलब्ध कराया था लेकिन जिला से लेकर रजौली के पूर्व व वर्तमान एसडीएम ने मोटी रकम लेकर बार बार बचाने का न केवल प्रयास किया बल्कि अबतक गलत बयानी कर बचाते आ रहे हैं।
मामला राज्य खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव के पास पहुंचा। उन्होंने मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उन्होंने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को न केवल फटकार लगाई बल्कि दलील को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। अब प्रधान सचिव जिला आपूर्ति पदाधिकारी से चार विंदुओं पर जबाव मांगा है।
उन्होंने कहा है कि अनुज्ञप्ति संख्या 85/17 राजेंद्र पासवान के नाम से निर्गत किया गया था, फिर योगेन्द्र पासवान के नाम कैसे हुआ? किस नियम कानून के तहत ऐसा किया गया उपलब्ध करायें। योगेंद्र पासवान की जन्मतिथि की मूल प्रमाणपत्र उपलब्ध करायी जाय। इसके साथ ही अनुज्ञप्ति की संचिका उपलब्ध करायी जाय। सारे सवालों का जवाब पन्द्रह दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का आदेश निर्गत किया गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने प्रधान सचिव द्वारा भेजी गई प्रति रजौली एसडीएम को उपलब्ध करा दी है। अब सबसे बड़ा सवाल जब अधिकारियों ने अनुज्ञप्ति की मूल संचिका उपलब्ध न होने की बार बार बातें की है तो फिर मूल संचिका उपलब्ध करायेंगे कहां से? ऐसे में अब अगले आदेश का इंतजार हर किसी को रहेगा।
भईया जी की रिपोर्ट