नवादा : जिले से कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रजौली थाना क्षेत्र में अपराधियों ने फिल्मी अंदाज़ में पुलिस से जप्त ट्रक छुड़ा लिया। ना कानून का डर… ना पुलिस का खौफ… और ना ही प्रशासन की मौजूदगी का असर!
गिट्टी लदे जिस ट्रक को रजौली अनुमंडल दंडाधिकारी स्वतंत्र कुमार सुमन ने जप्त किया था, उसे करीगांव के एक होटल पर सुरक्षित रखा गया था। देखरेख के लिए तैनात थे चौकीदार अजय राजवंशी। लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि अपराधी खुलेआम आएंगे… और पुलिस व्यवस्था को चुनौती देकर ट्रक लेकर फरार हो जाएंगे।
पीड़ित चौकीदार के अनुसार 28 जनवरी की रात करीब 12:30 बजे, दो स्कॉर्पियो और एक टाटा सूमो से 15 से 20 हथियारबंद लोग पहुंचे। हाथों में लाठी-डंडे और हथियार… सीधे ट्रक के पास आकर चौकीदार से नाम पूछा… और फिर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। जब चौकीदार ने विरोध किया — तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, मोबाइल तोड़ा गया और एक बदमाश ने पिस्टल निकालकर उसके सिर पर तान दी। इतना ही नहीं… बदमाश जबरन ट्रक लेकर फरार हो गए। भागने के दौरान एक अन्य वाहन को टक्कर मारने की भी कोशिश की।
अब ज़रा सोचिए… अगर पुलिस की निगरानी में खड़ा जप्त ट्रक सुरक्षित नहीं… एक चौकीदार की जान की कोई कीमत नहीं… तो आम जनता कितनी सुरक्षित है? यही है सुशासन की तस्वीर? यही है डबल इंजन सरकार की कानून व्यवस्था? जब अपराधी शासन-प्रशासन को ही चुनौती दे रहे हों, तो जनता किससे उम्मीद करे? हर साल कहा जाता है — बिहार को अपराध मुक्त बनाएंगे” भर्तियां होंगी… पुलिस मजबूत होगी… लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि अपराधी रात के अंधेरे में सरकारी आदेश को रौंदते हुए निकल जाते हैं। यह घटना सिर्फ एक ट्रक लूट की नहीं है… यह घटना है कानून की हार और अपराध की जीत की।
अब सवाल सीधे सरकार से —
क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस को भी नहीं मानते? क्या चौकीदार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की नहीं है? कब तक बिहार की जनता डर के साए में जीती रहेगी?
रजौली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है…
जांच की बात कही जा रही है…
लेकिन सवाल यह है — क्या सिर्फ प्राथमिकी से कानून लौटेगा? या इस बार अपराधियों पर सच में कार्रवाई होगी? जिले की जनता पूछ रही है — जब ट्रक सुरक्षित नहीं… तो हम कैसे सुरक्षित हैं? यह सिर्फ एक खबर नहीं… यह सुशासन पर लगा सीधा आरोप है। हम पूछते रहे हैं और पूछते रहेंगे…
भईया जी की रिपोर्ट