नवादा : दक्षिण भारत शैली में निर्मित नवादा के सुविख्यात गोवर्धन मंदिर का तीसरा वार्षिकोत्सव सह त्रिदिवसीय अनुष्ठान प्रारंभ हो गया। प्रथम दिन वेदी निर्माण, पंचांग पूजन, नवग्रह पूजन, सर्वतोभद्र पूजन और आवाह्न पूजन के वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा। आचार्य कुमार गौरव शुक्ल के निर्देशन में दर्जनों विद्वान पंडितों ने अनुष्ठान की प्रक्रिया शुरू की। सदर विधायक विभा देवी के ज्येष्ठ सुपुत्र एकलव्य कुमार सपत्नीक यजमान की भूमिका में नजर आए जबकि मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए स्वयं विधायक ने व्यवस्था की कमान संभाली।
मंदिर की सजावट, सांस्कृतिक संध्या स्थल की व्यवस्था, प्रसाद वितरण, पेयजल समेत शौचालय आदि की साफ सफाई हेतु कार्यकर्ताओं को विशेष दिशा निर्देश दी गई। खासकर उन्होंने महिलाओं की सुविधा का विशेष ख्याल रखने की हिदायत सेवादारों को दिया। आचार्य कुमार गौरव शुक्ल ने बताया कि गोवर्धन मंदिर की प्रतिष्ठा अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने लगी है क्योंकि यहां प्रतिमाह विशेष पूर्णिमा पूजा के अलावे वृहत पैमाने पर कई आयोजन सालों भर चलते रहता है। खासकर मंदिर स्थापना दिवस पर त्रिदिवसीय आयोजन से समस्त श्रद्धालुओं को विशेष लाभ मिलता है क्योंकि यह अनुष्ठान यज्ञ की तरह होता है जिसमें समस्त देवताओं का आह्वान एवं अभिषेक किया जाता है।
गोवर्धन मंदिर समिति के सचिव महेंद्र यादव ने बताया कि 30 एवं 31 जनवरी को भजन संध्या एवं झांकी दर्शन का विशेष लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के अध्यक्ष सह पूर्व श्रम राज्य मंत्री श्री राजबल्लभ प्रसाद के सौजन्य से मंदिर का त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव मनाया जाता है जिसमें देश के नामचीन आचार्यों एवं कलाकारों द्वारा अनुष्ठान, भजन संध्या, प्रवचन एवं झांकी दर्शन की प्रस्तुति की जाती है।
भईया जी की रिपोर्ट